सहारनपुर। पूरा जनपद इन दिनों शीत लहर की चपेट में है, जिसकी वजह से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। तापमान के लगातार नीचे जाने से लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। हालांकि शुक्रवार को दिन में कुछ देर के लिए निकली धूप से राहत जरूर मिली, मगर शीत लहर चलने का सिलसिल जारी है।
जनपद में सोमवार और मंगलवार को हुई हल्की बारिश के बाद ठंड का असर महसूस किया जाने लगा है। पिछले दो दिन से शीत लहर चल रही है, जिसकी वजह से ठिठुरन बढ़ी है। शुक्रवार को दिन में कुछ समय के लिए धूप जरूर निकली, मगर शीतलहर लगातार बनी रही। इसकी वजह से लोग दिन भर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। ठंड की वजह से बाजारों में भी अन्य दिनों की तुलना में भीड़ कम रही। ठंड के बढ़ने से तापमान भी लगातार नीचे जा रहा है। बृहस्पतिवार को जहां अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस था, वहीं शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यानी दोनों ही तापमान में एक डिग्री की कमी आई। उधर, सर्दी के बढ़ते प्रकोप की वजह से गर्म कपड़ों जैसे जैकेट, स्वेटर, जर्सी आदि की बिक्री में तेजी आई है। तमाम बाजारों में गर्म कपड़ों की दुकानों पर भीड़ लग रही है।
अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था नहीं
सर्दी अपने चरम पर है। मगर इसके बावजूद नगर निगम अभी तक रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था नहीं कर सका है। प्रतिवर्ष नगर निगम शहर में जगह-जगह अस्थाई रैन बसेरों की व्यवस्था करता था, मगर इस बार ऐसा नहीं हो सका है। इसके अलावा अलाव के लिए टेंडर प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं।
स्कूलों का समय बदलने की मांग
बढ़ती सर्दी को देखते हुए सरकारी विद्यालयों के समय में परिवर्तन की मांग उठने लगी है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार के नेतृत्व में डीएम से मिलने कलक्ट्रेट पहुंचे थे। पंवार ने बताया कि ठंड की वजह से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकारी विद्यालयों का समय सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक करने की मांग जिला प्रशासन से की है। उधर, उत्तर प्रदेश उर्दू टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी जिलाध्यक्ष तालिब हसन के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम की गैर मौजूदगी में उनके कार्यालय में एक ज्ञापन रिसीव कराया। उन्होंने भी सरकारी विद्यालयों के समय में परिवर्तन करने की मांग की है।