चंद्रशेखर पर रासुका न हटाने पर आंदोलन की चेतावनी
सहारनपुर/देवबंद। भीम आर्मी एकता मिशन की बैठक में संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रववण पर रासुका लगाए जाने पर रोष जताया गया और रासुका हटाने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दो नवंबर को जमानत स्वीकार कर ली गई है। उसके बाद प्रशासन द्वारा एनएसए की कार्रवाई की गई है जो विधि विरुद्ध है। उन्होंने ऐलान किया कि 9 नवंबर को मंडलायुक्त कार्यालय पर अनिश्चितकाल के लिए भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
रासुका हटने तक भीम आर्मी के पदाधिकारी एवं उनके परिजन आंदोलन करेंगे। इस संबंध में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में प्रवीन कुमार, राजन गौतम, अजय गौतम, टिंकू कपिल शामिल रहे।
उधर, आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में भी आंदोलन की चेतावनी दी गई। शनिवार को महासचिव रणधीर सिंह के आवास पर हुई बैठक में जिलाध्यक्ष साधू राम ने कहा कि नौ मई को जिले में हुए दंगे के दौरान चंद्रशेखर शांति बहाल कराने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग कर रहा था। लेकिन पुलिस ने चंद्रशेखर को ही दंगे का मुख्य आरोपी बनाते हुए 19 मामले दर्ज कर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। समाज के लोगों ने न्यायपूर्ण नीति अपनाते हुए कोर्ट से 14 मुकदमे मर्ज कराए और एक मामले में सहारनपुर न्यायालय से ही चंद्रशेखर की जमानत कराई। अन्य चार मुकदमों में हाईकोर्ट से जमानत कराई। पुलिस-प्रशासन ने अब तानाशाही रवैया अपनाते हुए चंद्रशेखर पर रासुका लगा दी, जो पूरी तरह असंवैधानिक प्रक्रिया है।
उन्होंने रासुका को समाप्त करने की मांग की। रणधीर सिंह ने कहा कि प्रशासन की इस कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं कराया जाएगा। चंद्रशेखर पर रासुका को नहीं हटाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान इसम सिंह गौतम, रजत कुमार, सुलेख चंद, प्रवेश कुमार, सुमित कुमार, कस्तुरी गौतम, कश्मीर सिंह, सीताराम मौर्य, मुनेश, अवधेश कुमार, हसंराज गौतम, सेठपाल गौतम, डीपी सिंह, मीणा, पूनम, रेखा, मनीषा, राजकुमार, रविश कुमार, चंद्र प्रकाश मौजूद रहे। उधर, देवबंद में बहादरपुर गांव में हुई बैठक में देवबंद विधासभा क्षेत्र अध्यक्ष दीपक बौद्ध ने कहा कि चंद्रशेखर पर शासन-प्रशासन द्वारा रासुका की कार्रवाई दमनकारी नीति का प्रमाण है। अगर यह कार्रवाई न रोकी गई तो उपजिलाधिकारी कार्यालय पर आमरण अनशन करेंगे।