सहारनपुर। डीएम प्रमोद कुमार पांडेय ने कहा कि पुलिस व राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी तथा कर्मचारी अपनी कार्य संस्कृति में पारदर्शिता लाएं। पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि अपराधी जेल के भीतर आए और किसी निर्दोष का अनावश्यक उत्पीड़न न होने पाए। सरकारी अधिवक्ता बेहतर पैरवी कर अपराधी को सजा से बरी ना होने दें।
डीएम ने सोमवार कलेक्ट्रेट सभागार में विकास एवं अभियोजन कार्यों की समीक्षा के दौरान आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास की रोशनी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। शासन की प्रतिबद्धता है कि किसी भी गरीब, दलित वंचित को बिना अनावश्यक कारणों से उत्पीड़न नहीं किया जाए। विकास कार्यों को बिना किसी भेदभाव के सभी क्षेत्रों में समान रूप से किए जाए। उन्होंने कहा कि फरियादियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मुखबिर तंत्र को और अधिक मजबूत करें। ग्रामीण चौकीदारों से निरंतर समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि हर छोटी से छोटी घटना को गंभीरता से लेते हुए उसकी तह तक पहुंचे। थानाध्यक्ष अपने क्षेत्र के सभी जिम्मेदार व्यक्तियों को माह में एक बार अवश्य बैठक कर समन्वय स्थापित करें। माहौल खराब करने वाले समाज विरोधी आपराधिक तत्वों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाये। थाना दिवस पर प्राप्त शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि वे बेहतर पैरवी कर अधिक से अधिक मामलों में अपराधियों को सजा दिलाएं। जिन प्रकरणों में गवाह हाजिर नहीं हो रहे है उनकी जानकारी दें। जिससे गवाह को निर्धारित तिथि पर बुलाया जा सकें। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि वह हर शनिवार को एक-एक वार्ड देखें तथा नगर पालिका में हो रही सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करें। इंडस्ट्रीयल एरिया है कूड़ा डालने वालों को चिह्नित कर पर अर्थदंड लगाए। कहा कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में रामपुर मनिहारान में 12 वार्ड में प्रोविजन शुरू किया गया है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन अपने क्षेत्र में पैदल भ्रमण करें तथा अपराधियों पर पैनी नजर रखें। इस दौरान अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन एसके दुबे, सभी उप जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष तथा जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सहित सभी सहायक शासकीय अधिवक्ता मौजूद रहे।