छुटमलपुर (सहारनपुर)। कथा वाचक पंडित जगन्नाथ सेमवाल ने कहा कि श्रीमद्भागवत ही इस संसार रूपी भवसागर से पार कराने में सक्षम है। इसके श्रवण मात्र से ही मनुष्य सब पातकों के बंधन से मुक्त हो जाता है।
कस्बे के मनकामेश्वर शिव मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के पहले दिन श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ के मौके पर पंडित जगन्नाथ सेमवाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्री हरि ने अपने भक्त गुडाकेश अर्जुन को मोहग्रस्त होने पर जो दिव्य चरित्र सुनाया था, वही सभी दुखों को पार पाने के लिए अचूक रसायन है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को चाहिए कि वे अपने घरों में प्रतिदिन भगवत गीता का पठन करें और अपने बच्चों को भी इसके पढ़ाएं। ताकि वे बड़े होकर चरित्रवान बन सकें और देश तथा धर्म के लिए काम आएं। उन्होंने कहा कि भगवत गीता जीवन जीने का तरीका बताती है। यदि मनुष्य धर्मानुसार जीवन व्यतीत करें तो निश्चित रूप से उसके जीवन में कभी दुख और क्षोभ के लिए कोई जगह नहीं बचती है।