बेहट (सहारनपुर)। यमुना नदी में नुनियारी अहतमाल को छोड़कर किसी भी खनन पट्टे का अनुबंध नहीं हुआ है, लेकिन प्रतिबंधित जेसीबी एवं पोकलैंड मशीनों से पूरी यमुना नदी में पहले की तरह अवैध खनन जारी है। दिन में प्रतिबंधित मशीनों से किए जा रहे अवैध खनन को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे। बता दें, कि यमुना नदी में वैध खनन के लिए नुनियारी अहतमाल में 24.29 हेक्टेयर क्षेत्रफल के पट्टे का अनुबंध 5 वर्ष के लिए हरियाणा के यमुनानगर निवासी नसीम खान के नाम हुआ है, लेकिन बरथा असलमपुर, बरथा कोरसी, कोठड़ा आदि स्थानों पर बादस्तूर अवैध खनन चल रहा है। बरथा कोरसी एवं बरथा असलमपुर में सर्वाधिक अवैध खनन किया जा रहा है। इन स्थानों पर हरियाणा से लेकर यूपी तक के माफिया दिन रात प्रतिबंधित मशीनों से अवैध खनन कर रहे हैं। कोतवाली प्रभारी केपी सिंह का कहना है कि खनन रोकने का काम खान विभाग का है। पुलिस पर वसूली के आरोप गलत हैं।
वैध खनन की स्थिति
खनन पट्टा-नुनियारी अहतमाल क्षेत्रफल-24.29 हेक्टेयर लाट संख्या-38 पट्टे का अनुबंध- 5 वर्ष के लिए नसीम खान पुत्र जाहिद खान निवासी यमुनानगर (हरियाणा)अनुमति-437247 घनमीटर खनन उठाने की अनुमति, इसके अलावा किसी भी खनन पट्टे का अनुबंध नहीं है, जबकि माफियाओं ने अवैध खनन की होड़ में पूरी यमुना नदी को प्रतिबंधित जेसीबी एवं पोकलैंड मशीनों से खोदकर रख दिया है। सबसे ज्यादा अवैध खनन यमुना नदी के बरथा कोरसी एवं बरथा असलमपुर घाट पर किया जा रहा है।
रायल्टी को लेकर बन रही टकराव की स्थिति
नुनियारी अहतमाल के खनन पट्टा धारक के कर्मचारियों एवं स्टॉक की परमिशन पर चल रहे स्टोन क्रशर मालिकों के बीच टकराव की स्थिति बनी है। क्रशर मालिकों का कहना है कि उनके पास 28 फरवरी तक अपने स्टॉक माल को बेचने की परमिशन है, जबकि पट्टा धारक के कर्मचारी उनके क्रशर से खनिज भरकर जाने वाले वाहनों से जबरन रायल्टी वसूल रहे, जो अवैध है। उनका अधिकार केवल खनन पट्टे से किए जाने वाले कच्चे माल पर रायल्टी वसूलने का है। पक्के माल पर पट्टा धारक रायल्टी वसूल ही नहीं सकते। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में आए दिन टकराव की स्थिति रहती है।
जिला खान अधिकारी पीके सिंह का कहना है कि खनन पट्टे का अनुबंध हुआ है, तो रायल्टी तो कटेगी ही, लेकिन क्रशर मालिकों पर 28 फरवरी तक माल बेचने की परमिशन होने तथा कच्चे माल पर ही पट्टा धारक द्वारा रायल्टी वसूलने के सवाल पर वह चुप्पी साध गए। नुनियारी अहतमाल के अलावा यमुना नदी में अन्य स्थानों पर अवैध खनन किए जाने के मामले उनका कहना था कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।