सहारनपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई अभियान चलाने के बावजूद ग्राम स्वच्छ नहीं हो पा रहे हैं। गांवों में जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हैं। ग्रामीणों द्वारा शिकायत करने के बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण के तहत जिला पंचायत राज विभाग जनपद की 887 ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए अभियान चलाए हुए है। करीब डेढ़ सौ जेसीबी लगाकर ग्रामों से कूड़े के ढेर हटवाए जा रहे हैं। इसके लिए ग्राम प्रधानों और सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है, जो सफाई कर्मचारियों को लगाकर जगह-जगह लगे गंदगी के अंबार को हटवा रहे है। इसके बावजूद गांव स्वच्छ नहीं हो पा रहे हैं। एक बार जहां से कूड़ा हटवाया जाता है, वहां दोबारा कूड़ा न डाला जाए, इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पिछले दिनों प्रशासन ने दावा किया था कि कूड़ा हटवाकर खाली कराई जगहों पर पौधरोपण किया जाएगा, लेकिन कहीं भी पौधरोपण नहीं हुआ है और न ही ग्रामों में कूड़ेदान रखवाए गए हैं।
बोले ग्रामीण, नहीं है ठोस रणनीति
सहारनपुर। नकुड़ ब्लॉक के गांव सिरसला निवासी जय सिंह, जमील अहमद, कुलभूषण का कहना है कि उनके गांव में काफी समय से कूड़े के ढेर लगे हैं, जिसकी शिकायत एसडीएम और ग्राम प्रधान से कर चुके हैं, लेकिन कूड़ा नहीं हटवाया गया है। खेतों के बाहर पड़ी छोटी-छोटी कुड़ियों को हटवाकर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। पुवांरका ब्लॉक के गांव टोपरी निवासी रामपाल, रमेश, राहुल और भूरा का कहना है कि गांव को स्वच्छ बनाने के लिए प्रशासन के पास ठोस रणनीति नहीं है। ग्राम को स्वच्छ बनाने में ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं। कूड़ा डालने के लिए प्रशासन को कूड़ेदान रखवाने चाहिए। ताकि पूरे गांव का कूड़ा एक ही स्थान पर डल सके। ब्लॉक साढौली कदीम की ग्राम पंचायत नानूवाला निवासी राजेंद्र पाल, शमसी, हरेंद्र कुमार का कहना है कि गांव जगह-जगह गंदगी फैली है। कूड़ा डालने की जगह निर्धारित न होने की वजह ग्रामीणों को कूड़ा डालने में दिक्कत आती है। कई बार अधिकारियों से कूड़ा हटवाए जाने की मांग कर चुुके हैं। इसी तरह ज्यादातर ग्राम पंचायतों में यही स्थिति बनी हुई है।
गांवों में युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चल रहा है। कूड़े के ढेर हटवाए जा रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों का पूरा सहयोग न मिलने के कारण सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने में दिक्कत आ रही है। जहां से कूड़ा हटवाया जाता है, ग्रामीण वहां दोबारा कूड़ा डाल देते हैं। प्रत्येक गांव में कूड़ा डालने के लिए जगह निर्धारित की गई है। कूड़ा हटवाकर जो जगह खाली कराई गई है, वहां पौधरोपण कराया जाएगा। ताकि वहां दोबारा कूड़ा न डाला जाए। -सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी