सरकार की अनदेखी से शिक्षा मित्रों में नाराजगी
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने प्रदेश सरकार पर शिक्षा मित्रों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तीन सूत्रीय ज्ञापन भेजकर अपनी मांग उठाई है। इसमें उत्तराखंड की तर्ज पर शिक्षा मित्रों को समायोजित करना प्रमुख मांग है।
बुधवार को हुई संगठन की बैठक में जावेद हसन, धूम सिंह और मोहम्मद बाबर ने कहा कि वह 25 जुलाई से आज तक प्रदेश सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा से अवगत कराते आ रहे हैं। मगर प्रदेश सरकार ने आज तक उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया है। आर्थिक हालत खराब होने की वजह से शिक्षा मित्रों के परिवार भूखों मरने की कगार पर हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की अनदेखी के कारण अभी तक 700 से अधिक शिक्षा मित्र अपनी जान गवा चुके हैं।
संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। इसमें शिक्षा मित्रों को समायोजित करने की मांग की गई है। साथ ही स्थायी समाधान न होने तक 12 माह का सम्मानजनक मानदेय दने की मांग भी नहीं गई है। बैठक में लियाकत अली, नवाब अली, शाहिद, शमीम अहमद, मिथलेश, नूर हसन, ममता आदि मौजूद रहीं।
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शिक्षकों की समस्याओं पर मंथन किया
सहारनपुर। शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं तथा स्कूलों में बच्चों को यूनिफार्म, किताब वितरण आदि को लेकर उत्तर प्रदेश सीनियर शिक्षक संघ ने बुधवार को बैठक की। इसमें प्रांतीय संयुक्त सचिव मंसूर अहमद ने कहा कि संगठन शिक्षकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगा। बैठक में शिवचरण शर्मा, राजपाल सिंह, रामकुमार पंवार, संजय सैनी, मांगेराम, ब्रह्मपाल आर्य, आदित्य पंवार, संदीप कुमार सैनी, रमेशचंद सैनी, लोकेश चौधरी, रजनीश शर्मा, मिथिलेश आर्य, अनीता सैनी, प्रीतम सिंह आदि मौजूद रहे।