सहारनपुर। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें अभिभावक एवं स्कूल संचालक। स्कूली वाहन तथा प्रशिक्षित चालक से ही बच्चों को स्कूल भेजें। अनफिट वाहन, ई-रिक्शा, टेंपो, जुगाड़ में बच्चों को कभी भी स्कूल नहीं भेजे।
जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय मंगलवार को परिवहन विभाग द्वारा व्यवसायिक वाहन चालकों के प्रशिक्षण कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि वाहन चालकों, स्कूल संचालकों एवं अभिभावकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वाहन चालक सीमा पर तैनात सिपाहियों की तरह हैं। सीमा पर सैनिकों के होने के चलते हम सुरक्षित हैं, उसी प्रकार अभिभावक और स्कूल संचालक वाहन चालकों के हाथों में अपने बच्चों को सौंपकर सुरक्षित महसूस करते हैं। इसलिए वाहन चालकों का दायित्व बढ़ जाता है। एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि देश में जितनी मौतें महामारी, हत्या, आतंकवादी घटनाओं के कारण होती हैं, उससे कहीं अधिक सड़क दुर्घटनाओं में हो रहीं हैं। उनमें भी अधिकांश युवाओं की मौत हो रहीं हैं। यातायात के नियमों का पालन करने से सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। मिसिका सोसाइटी ऑफ रोड सेफ्टी मेरठ के यातायात प्रशिक्षक अमित तिवारी ने सड़क सुरक्षा पर पावर प्वांट प्रेजेंटेशन किया गया। कार्यशाला में संभागीय परिवहन अधिकारी लक्ष्मीकांत मिश्रा, कपिल देव सिंह, सहायक संभागीय अधिकारी अजीत कुमार श्रीवास्तव, रामप्रकाश मिश्रा, यात्री कर अधिकारी राकेश मोहन मौजूद रहे।