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मूल्यांकन का बहिष्कार कर धरने पर बैठे शिक्षक

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सहारनपुर। वित्त विहीन शिक्षकों ने यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार मंगलवार को भी जारी रखा। जेवी जैन इंटर कॉलेज में बने मूल्यांकन केंद्र पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वित्त विहीन शिक्षक प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय बंद कर देने से नाराज हैं, जो समान कार्य-समान वेतन की मांग पर अड़े हैं।
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उत्तर प्रदेश वित्त विहीन शिक्षक संघ ने मूल्यांकन का बहिष्कार किया हुआ है। मंगलवार को जेवी जैन इंटर कॉलेज में हुए धरने को संबोधित करते हुए जिला मंत्री ब्रिजेश शर्मा कहा कि योगी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार एक साल में कोई काम नहीं कर पाई है। वह अपनी विफलता का जश्न मना रही है। जबकि तीन लाख शिक्षकों के परिवार भूखों मरने की कगार पर हैं। सतीश राठौर ने कहा कि भाजपा सरकार ने वित्त विहीन शिक्षकों को पहले से मिल रहा मानदेय भी बंद कर दिया है। सरकार रोजगार देने की बजाय लोगों को बेरोजगार करने में जुटी है। यदि सरकार मांग नहीं मानती है तो जल्द ही मूल्यांकन केंद्रों पर ताले जड़े जाएंगे। धरने में शक्ति सिंह, अनिल कुमार, विपिन कुमार, संदीप नल्हेड़ा योगेंद्र सिंह, पदम सिंह, प्रवीण कुमार, राकेश सैनी, विजय पाल, विजेंद्र कुमार, पूनम देवी, किश्वर जहां, विश्वास वर्मा, निर्दोष तोमर आदि मौजूद रहे।

मूल्यांकन को समय से निपटाना चुनौती
यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जनपद में चार केंद्र बनाए गए हैं, जिनपर साढ़े पांच लाख उत्तर पुस्तिकाएं जांची जानी हैं। इनके लिए 1710 परीक्षक लगाए गए थे, मगर 35 से 40 फीसदी परीक्षक लगातार गायब चल रहे हैं, जिसकी वजह से मूल्यांकन को निर्धारित समय सीमा में निपटा पाना चुनौती बनता जा रहा है। उधर, विभागीय स्तर से भी परीक्षकों की कमी को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। डीआईओएस आरके तिवारी ने बताया कि परीक्षकों की कमी से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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