पुलिस ने कई दीनी इदारों में जाकर छात्रों से की पूछताछ, खुफिया एजेंसी के अधिकारी कर रहे जांच
बांग्लादेशी छात्रों को निशाना बनाकर चस्पा किए गए पोस्टर का मामला
फोटो संख्या 7
अमर उजाला ब्यूरो
देवबंद (सहारनपुर)। बांग्लादेशी छात्रों को निशाना बनाकर दारुल उलूम क्षेत्र में चस्पा किए गए पोस्टर को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक की जांच में निकलकर सामने आ रहा है कि बांग्लादेशी छात्रों के खिलाफ पोस्टर लगाने के पीछे तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद और दारुल उलूम के बीच चल रही नाराजगी है।
बांग्लादेशी छात्रों को देवबंद से भागने की धमकी दिए जाने वाला पोस्टर सामने आने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। पोस्टर लगाने वाले कौन है और उसके पीछे की मंशा क्या है। इसके बारे में जांच करने को जहां पुलिस दीनी इदारों में जाकर पूछताछ करने में लग गई है। वहीं खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी अपने तरीके से इसका पता लगाने में जुटे हुए हैं। दारुल उलूम क्षेत्र में चस्पा किए गए पोस्टर को तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद और दारुल उलूम के बीच चल रही नाराजगी माना जा रहा है। दरअसल इस समय दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी बांग्लादेश के दौरे पर हैं और बताया गया है कि इससे पूर्व मौलाना साद बांग्लादेश गए थे। जहां लोगों ने उनका विरोध करते हुए उन्हें वहां से भगा दिया था। माना जा रहा है कि बांग्लादेशी छात्रों को निशाना बनाने वाला पोस्टर इसी से जुड़ी एक कड़ी हो सकता है। बता दें कि पूर्व में तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद की गलत बयानबाजी करने को लेकर दारुल उलूम उनसे नाराज चल रहा था। इस मामले में दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम ने बयान जारी कर कहा था कि मौलाना साद भरोसे के लायक नहीं हैं।