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सर्दी में अपना विशेष ख्याल रखें दिल के मरीज

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सर्दी में अपना विशेष ख्याल रखें दिल के मरीज
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सहारनपुर। सर्दी के साथ ही दिल के मरीजों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। गर्मी की तुलना में इन दिनों चिकित्सकों की ओपीडी में पहुंचने वाले दिल के मरीजों की संख्या करीब तीन गुना अधिक हो गई है। चिकित्सकों की मानें तो दिल के मरीजों की जरा सी लापरवाही उनकी जान पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि दिल के मरीज संभलकर रहे और चिकित्सक की सलाह के अनुरूप ही सर्दी में अपनी दिनचर्या तय करें।
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वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि हमारे शरीर में सर्दियों में केटीकोलामिन का रिसाव बढ़ जाता है, जो ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप को प्रभावित करता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से ब्रेन हैमरेज और हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर या दिल के अन्य मरीजों के लिए सर्दियों में सुबह चार बजे से 10 बजे तक का समय सबसे खतरनाक होता है। ऐसे मरीजों को कोहरे में बाहर आने से बचना चाहिए। यदि दिल के मरीज टहलने जाते हैं तो सर्दियों में सुबह और शाम के समय खासकर कोहरे में टहलने न निकले। दिल के मरीजों को अपनी मर्जी से दवा घटानी या बढ़ानी और छोड़नी नहीं चाहिए। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. गुनाल जैन बताते हैं कि ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना चाहिए, क्योंकि इसके गड़बड़ाने की वजह से भी कई बार मरीज की जान खतरे में पड़ जाती है। उनका कहना है कि भारत में हर पांचवां व्यक्ति ब्लड प्रेशर की बीमारी का शिकार है। देश में वर्तमान में करीब 12 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं। यदि मरीजों की संख्या इसी गति से बढ़ती गई तो 2025 तक इनकी संख्या दोगुने को पार कर जाएगी।
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हाई ब्लड प्रेशर के मरीज इनसे बचें
- धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
- नमक का कम से कम सेवन करें।
- गुस्सा और चिंता करना छोड़ दें।
- डॉक्टर की सलाह से कसरत करते रहें।

हाई ब्लड प्रेशर के नुकसान
- एंजाइना, हार्टअटैक आना या हार्टफेल होना, हार्ट का फैल जाना या अचानक से धड़कन रुक जाना।
- दिमाग की नस बंद होना, नस का फट जाना या फिर अधरंग और पैरालाइसिस का होना।
- गुर्दे फेल होना और हाथों और पैरों का फूल जाना।
- आंख का पर्दा खराब होना या आंख में ब्लड का जम जाना।
- नसों में जमाव के कारण टांगों में दर्द होना।
- नाक की नस का फटना।

हार्टअटैक के लक्षण
- छाती के बीचोंबीच दर्द का होना और दर्द का हाथ की तरफ जाना।
- छाती के दर्द का गले में जाना।
- छाती के दर्द के साथ पसीना आना और सांस फूलना।

दिल के मरीज यह खाएं
- हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद और ताजे फल।
- साबुत और छिलके वाली दालें।
- ब्राउन ब्रेड या ब्राउन राइस।
- गेहूं के आटे के साथ चना और जौ का आटा मिलाकर रोटी खाएं।
- प्याज और लहसुन खाएं।
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