निकाय चुनाव में टिकट को लेकर घमासान
सहारनपुर। निकाय चुनाव नवंबर में होने हैं। तमाम राजनीतिक दल चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। बड़े दलों की बात करें तो टिकट को लेकर अंदर खाने घमासान मचा है। शहर में मेयर के लिए पहली बार होने वाले चुनाव पर सभी दलों की नजर है। पहला मेयर बनने की ख्वाहिश पाले नेता हाईकमान तक भागदौड़ में जुटे हैं।
नगर निगम के अलावा जनपद में छह नगर पंचायत और चार नगर पालिका परिषद हैं। आगामी निकाय चुनाव नवंबर में होंगे, जिनकी अधिसूचना अक्तूबर में होने की संभावना है। पार्टियां बैठकें कर लगातार प्रत्याशियों के नाम पर मंथन करने में जुटी हैं। बड़े दलों में सबसे अधिक उहापोह की स्थिति है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो चुनाव लड़ने के तमाम इच्छुक कार्यकर्ता मोदी लहर पर सवार होकर जीत का स्वाद चखना चाहते हैं। अब पार्टी नेता भले ही एकजुटता का दावा कर रहे हों, मगर भाजपा में आंतरिक स्तर पर काफी खटास है, जो समय-समय पर सामने आती रही है। दो दिन पहले 23 सितंबर को भाजपा की बैठक में पदाधिकारियों के बीच जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस की बात करें तो वहां भी मेयर सीट पर चुनाव लड़ने वालों की कतार लगी है। निगम में पार्षद के अलावा नगर पंचायतों और नगर पालिका परिषद में चेयरमैन और सभासद के टिकटों को लेकर भी मारामारी मची हुई है। जिला स्तर के नेता असमंजस की स्थिति में हैं। गौरतलब है कि विधान सभा चुनाव में हाईकमान ने पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद की चली थी, जिसे लेकर जिलाध्यक्ष और उनके समर्थक खासे नाराज हुए थे। निकाय चुनाव में क्या सीन होगा यह वक्त ही बताएगा। समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भी असमंजस में हैं, क्योंकि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि सपा विधान सभा चुनाव की तरह कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी या अकेले? ऐसे में पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने का सपना देखने वालों की अभी नींद उड़ी हुई है। उधर, बहुजन समाज पार्टी विस चुनाव में सहारनपुर में बुरी तरह से हारने के बाद से निकाय चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करना चाहती है, बसपा में भी एक-एक सीट पर कई-कई दावेदार खड़े हैं। ऐसे में चुनाव से पहले तमाम बड़े राजनीतिक दलों में टिकट बटवारे में घमासान होना तय है।