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एकजुट होकर हितों के प्रति जागरूक रहे किसान: टिकैत

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अंबेहटा (सहारनपुर)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि भाकियू देश में किसानों का सबसे बड़ा अराजनैतिक संगठन है। यूनियन ने समय समय पर किसानों के हितों की लड़ाई लड़ कर उन्हें अंजाम तक का पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने किसानों को एकजुट होकर अपने हितों के प्रति जागरूक होने को कहा।
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रविवार को फंदपुरी गांव में आयोजित अपने अभिनंदन समारोह में चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि भाकियू कृषि मूल्य आयोग में किसानों की भागीदारी चाहती है ताकि किसानों को पूरी जानकारी हासिल होती रहे। टिकैत ने कहा कि किसान की जाति व धर्म केवल किसान ही है। राजनीतिक पार्टियों ने किसान को बांटकर उसे कमजोर करने का काम किया। नरेश टिकैत ने बताया कि बिजली के रेट कम कराने की दिशा में भी मुख्यमंत्री से वार्ता हो रही है जिसके सकारात्मक परिणाम भी जल्द ही सामने आयेंगे। नरेश टिकैत ने किसानों का आह्वान किया कि वे अफवाहों व आरोपों पर ध्यान न देकर संगठन को मजबूत करे तथा संगठन पर जातपात व राजनीति को हावी न होने दें।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी मैनपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार, जिलाध्यक्ष चौधरी चरण सिंह, जिपं सदस्य संदीप चौधरी, जिला महासचिव अशोक कुमार, रामपुर तहसील अध्यक्ष चौधरी जगपाल सिंह, सरदार मनमोहन सिंह, चौधरी नाथीराम व धनश्याम राणा ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता राठी खाप के मुखिया चौधरी विकास राठी व संचालन सरकारी गन्ना विकास समिति सहारनपुर के डायरेक्टर चौधरी वेदपाल सिंह ने किया। नकुड़ तहसील अध्यक्ष चौ. महीपाल सिंह, चौ. वेदपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह खारी, चौ. नीरज, सत्यपाल पहलवान, प्रीतम सिंह, चौ. अतुल फंदपुरी, सिताब सिंह, सुशील दरियापुर, डा सुरेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, मुकेश तोमर, खुर्शीद आलम, रंधीर सिंह, कमलेश चौधरी आदि रहे।
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गुर्जर, जाट और राजपूत अपनी एक ही बिरादरी बना लें और नाम रखे गुजारा
नरेश टिकैत ने गुर्जर, राजपूत व जाट बिरादरी को मिलाकर एक ही बिरादरी बना लेने का सुझाव लोगों के सामने रखा। इसके लिए उन्होंने तीनों बिरादरी को जोड़ कर नई बिरादरी का नाम भी घोषित किया। नरेश टिकैत ने कहा कि जब तीनों बिरादरीयों के गोत्र आपस में एक जैसे ही है तो आपस में रिश्ता नाता करने में संकोच कैसा। उन्होंने कहा कि गुर्जर, जाट व राजूपत बिरादरी को मिलाकर गुजारा के नाम से नई बिरादरी बना ली जाये। इसमें तीनों बिरादरियों के नाम समायोजित हैं।
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