रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। भाकियू ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को तहसील कार्यालय के बाहर धरना दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है। पावर कार्पोरेशन के अधिकारी किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा कर उनका शोषण कर रहे हैं। बकायादारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं जबकि किसानों को चीनी मिल भुगतान नहीं कर रही है। सरकार ऐसे में चीनी मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय किसानों को ही जेल भेजे जाने का काम कर रही है। तहसील कार्यालय के बाहर भाकियू ने अपना धरना दिया। धरने पर तहसील अध्यक्ष चौधरी जगपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार में पुलिस से लेकर सरकारी कार्यालयों तक के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त है। बिना पैसे के कोई कार्य नहीं किया जाता। पावर कार्पोरेशन के अधिकारी बकायादार किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर उनको लाखों नोटिस भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपया बकाया है, जबकि प्रदेश सरकार ने दावा किया था कि 14 दिनों के अंदर किसान को गन्ने का भुगतान करा दिया जाएगा।
इसके अलावा बाजार में नकली कीटनाशक दवाईयों में किसानों को लूटा जा रहा है। खाद्य पदार्थों में मिलावट कर उन्हें बेचा जा रहा है। रजबहो एवं माइनरों की खुदाई नहीं हो रही है, जिससे किसान को टेल तक पानी नहीं मिल रहा है। धरने पर किसानों ने कहा कि सहकारी समिति किसानों को उधार में खाद बीज नहीं दे रही है जिससे किसान के सामने गंभीर संकट पैदा हो गया है।
बाद में किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम संगीता को सौंपा। इसमें मांग की गई है कि उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाए अन्यथा किसान मिशन 2019 में भाजपा को इसका जवाब देंगे। धरने पर रामपाल सिंह, प्रदीप पंवार, रविंद्र, रोशन सिंह, पद्म सिंह, शिबचरण, सुरेंद्र, राजसिंह, प्रीतम, बिरमपाल, अशोक, ठाकुर शेरपाल, सेवाराम आदि रहे।