भाजपा नेता से अभद्रता पर गुर्जरों में उबाल
रामपुर मनिहारान। भाजपा नेता के साथ थाना प्रभारी द्वारा अभद्र व्यवहार और जबरन पुलिस चौकी लाने की घटना को लेकर गुर्जर समाज थाना प्रभारी के खिलाफ लामबंद हो गया है। गांव चांदनपुर के पास भूरी देवता मंदिर में हुई दर्जन भर गांवों के गुर्जरों की पंचायत में थाना प्रभारी को निलंबित किए जाने की मांग की गई। चेतावनी दी गई कि यदि उनका निलंबन नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
बता दें कि दो दिन पूर्व पुलिस को एक फोन से अपहरण होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने गांव नल्हेड़ा गुर्जर पहुंच भाजपा नेता जनक पंवार को हिरासत में ले लिया और उन्हें पुलिस चौकी चुनहेटी ले आई थी। जनक पंवार का कहना था कि वह पैसे के लेनदेन में दो पक्षों के बीच फैसला करा रहे थे। किसी ने पुलिस को झूठी सूचना दी है। जनक पंवार के अनुसार थाना प्रभारी एसके राणा ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। पंवार के अनुसार रात में उन्होंने सांसद राघव लखनपाल को भी इसकी सूचना दी, लेकिन आरोप है कि उन्होंने भी टालू रवैया अपनाया। इसके बाद उन्होंने पूर्व ब्लाक प्रमुख चौधरी मुकेश से फोन पर संपर्क किया। मुकेश चौधरी रात में ही पुलिस से बात करके जनक पंवार को अपने साथ चौकी से ले आए थे। इस मुद्दे को लेकर गुर्जर समाज की शनिवार को पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में सांसद की कार्यशैली के खिलाफ गुस्सा देखने को मिला।
पंचायत में पूर्व विधायक चौधरी गजे सिंह, चौधरी वीरेंद्र मिरगपुर, अमित कुमार, गजेन्द्र चौधरी, विभोर राणा आदि ने थाना प्रभारी के निलंबन की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि थाना प्रभारी का निलंबन नहीं किया जाता तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पंचायत में 21 लोगों की समिति बनाई गई जो एसएसपी बबलू कुमार से मिलकर इस पूरे प्रकरण से उन्हें अवगत कराकर थाना प्रभारी के निलंबन की मांग करेगी। पंचायत की अध्यक्षता पप्पू प्रधान व संचालन विश्वजीत ने किया। उधर, थाना प्रभारी एसके राणा का कहना है कि उन्हें फोन पर अपहरण किए जाने की सूचना मिली थी। गांव खटकाहेड़ी निवासी दलित युवक अमित ने जनक पंवार के बहनोई से फाइनेंस पर बीस हजार रुपये लिए थे। इसमें में 12 हजार रुपये वापस कर दिए गए थे। अब भी फाइनेंसर तीस हजार रुपये मांग रहा था। अमित को उठाकर गांव नल्हेड़ा गुर्जर में लाया गया जहां उसकी पिटाई की गई। अमित की ससुराल भी नल्हेड़ा गुर्जर में है। उसके ससुराल वालों ने ही पुलिस को अपहरण किए जाने की सूचना दी थी। इस पर जनक पंवार से पूछताछ की गई। उनके साथ किसी प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया गया सभी आरोप निराधार हैं।