तहसीलों में अटकी सैकड़ों लोगों की पेंशन
सहारनपुर। वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन 45 दिन के अंदर लाभार्थी के खाते में पहुंचाने के दावे बेअसर हो रहे हैं। जिले की तहसीलों में सैकड़ों लोग पेंशन की प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं। सबसे बुरा हाल सदर तहसील का है।
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन देने की योजना को आनलाइन कर दिया था ताकि लाभार्थियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर ना काटने पड़े और आसानी से पेंशन प्राप्त कर सकें। सरकार के निर्देश हैं कि पोर्टल पर आवेदन करने के 45 दिन में संबंधित कर्मचारी सभी जांच पूरी कर खाते में पेंशन पहुंचाई जाए। मगर, जिले में सरकार की योजना को पलीता लगाया जा रहा है।
नियम है कि लाभार्थी पोर्टल पर फार्म भरने के बाद जिला समाज कल्याण विभाग में हार्डकापी जमा कराए। इसके बाद समाज कल्याण विभाग संबंधित तहसील को आवेदक की जांच करने के लिए पोर्टल पर उसका फार्म ट्रांसफर करे। जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से जनपद की सभी तहसीलों को आवेदकों के फार्म ट्रांसफर किए जा रहे हैं। मगर, तहसील कर्मचारी अपनी रिपोर्ट नहीं लगा रहे हैं। लोगों को आवेदन किए पांच-पांच महीने हो गए। यहां जांच के नाम पर सैकड़ों के लोगों के फार्म अटके हैं। संबंधित कर्मचारी और लेखपाल इन फार्मों पर अपनी रिपोर्ट लगाने को तैयार नहीं है। इसी के चलते आवेदन करने वाले लोग संबंधित विभागों के चक्कर काटकर थक चुके हैं।
जांच के नाम पर करते हैं खेल
सहारनपुर। तहसील कर्मचारी जांच के नाम पर खेल करते हैं। सूत्र बताते हैं कि लाभार्थी से जांच रिपोर्ट सही लगाने के लिए सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। इसी के चलते रिपोर्ट लगाने में देरी की जाती है। ताकि आवेदनकर्ता उनसे आकर संपर्क करे। ऐसी कई शिकायतें जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को मिल चुकी हैं।
जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से आवेदनकर्ताओं के फार्म जांच के लिए संबंधित तहसीलों को पोर्टल पर ट्रांसफर किए जा रहे हैं। मगर, तहसील स्तर से समय पर रिपोर्ट ना लगने की वजह से लाभार्थी को 45 दिन के अंदर पेंशन नहीं मिल पा रही है।- कृष्णा प्रसाद, जिला समाज कल्याण अधिकारी
पेंशन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले तहसील कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पेंशन में देरी होने की शिकायत मिली हैं। शासन की मंशा के अनुरूप कार्य ना करने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। -पीके पांडेय, जिलाधिकारी