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स्मार्ट क्लास के लिए मॉडल स्कूलों के खाते में पहुंचा पैसा

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स्मार्ट क्लास के लिए मॉडल स्कूलों के खाते में पहुंचा पैसा
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सहारनपुर। सरकारी मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाई जानी हैं। इनके लिए प्रत्येक स्कूल के खाते में करीब एक लाख रुपये भेजे गए हैं। स्मार्ट क्लास में प्रोजेक्टर, सीपीयू और कोर्स का सॉफ्टवेयर दिया जा रहा है। जिसमें कक्षा एक से आठ तक के पाठ्यक्रम होंगे।
शासन के आदेश पर प्रदेश भर में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। सहारनपुर में पहले चरण में 100 स्कूलों का चयन किया गया है। शासन के आदेश हैं कि जिन जिन जनपदों में खनन हो रहा है वहां खनन के पैसे से मॉडल स्कूलों में सुविधाएं दी जाएं। ऐसे में जिला प्रशासन ने मॉडल स्कूलों को खनन का पैसा जारी किया है। पहले चरण में 40 स्कूलों के लिए धनराशि जारी की गई है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक स्कूल को धनराशि जारी कर दी गई है। कुछ स्कूलों में अभी कक्षों की रंगाई-पुताई और अन्य कार्य चल रहे हैं। दूसरे चरण में शेष स्कूलों को पैसा जारी होने की बात कही गई है।
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...क्या टाट पट्टी पर ही बैठेंगे बच्चे
मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास के लिए प्रशासन ने करीब एक-एक लाख रुपया अभी भेजा है। इससे प्रोजेक्टर, सीपीयू और सॉफ्टवेयर खरीदे जा रहे हैं। मगर स्मार्ट क्लास के लिए फर्नीचर कहां से आएगा। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि स्मार्ट क्लास के बच्चे भी क्या टाट पर बैठेंगे। इसके अलावा पावर बैकअप की भी कोई व्यवस्था नहीं है। यानी इनवर्टर आदि नहीं दिया जा रहा है। शिक्षकों का सवाल है कि यदि स्कूल के समय पर बिजली नहीं होगी तो स्मार्ट क्लास में लगे प्रोजेक्टर और अन्य उपकरण कैसे काम करेंगे।
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मॉडल स्कूलों को स्मार्ट क्लास के लिए पैसा जारी कर दिया गया है। इस पैसे से प्रोजेक्टर, सीपीयू और सॉफ्टवेयर आदि खरीदे जाने हैं। स्मार्ट क्लास में फर्नीचर और पावर बैकअप की व्यवस्था ग्राम प्रधान और एसएमसी मिलकर करेंगे। धीरे-धीरे स्कूलों को सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी। - रमेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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