सहारनपुर। नगर निगम सहारनपुर की आय बढ़ने का स्रोत टैक्स है, लेकिन निगम के पास 2015 के बाद का कोई मैनुअल रिकार्ड तक नहीं है। ऐसे में यह पता लगा पाना मुश्किल हो रहा है कि किस भवन स्वामी पर कितना टैक्स बकाया है। इसकी वजह से वसूली भी गड़बड़ाई हुई है। मैनुअल रिकार्ड नहीं होने की जानकारी अधिकारियों को काफी पहले से है, मगर रिकार्ड को दुरुस्त करने की कोशिश नहीं की गई है।
गृह कर, जल कर और सीवर कर नगर निगम की कमाई का मुख्य जरिया है। मगर इस क्षेत्र में नगर निगम सबसे कमजोर नजर आ रहा है। इसकी मुख्य वजह नगर निगम के पास कर वसूली से संबंधित मैनुअल रिकार्ड नहीं होना है। ऐसी स्थिति में विभाग को यह तक नहीं पता है कि किस व्यक्ति के पास कितना बकाया है? इसकी वजह से नगर निगम ठीक से वसूली नहीं कर पा रहा है। दो दिन पहले कर समिति की बैठक में समिति सदस्यों पार्षदों ने कर विभाग के अधिकारियों से जानकारी मांगी थी, जिसमें कुल बकाया, बड़े बकाएदारों की सूची आदि मांगी गई थी, जिस पर विभाग के अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद पार्षदों ने मामले में महापौर के साथ बैठक कर वसूली के लिए रणनीति बनाने का निर्णय लिया था।
बड़े कर बकाएदारों की सूची नहीं
मैनुअल रिकार्ड नहीं होने की वजह से नगर निगम आज तक 50 हजार से अधिक के बड़े बकाएदारों की सूची जारी नहीं कर सका है। विभागीय सूत्रों की मानें, तो शहर में अनेक निजी अस्पताल, स्कूल, होटल और रेस्टोरेंट ऐसे हैं, जो वर्षों से टैक्स अदा नहीं कर रहे हैं, मगर उन पर कितना बकाया है इसकी सही जानकारी नहीं होने की वजह से निगम वसूली नहीं कर पा रहा है।
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पिछले दो साल कर कर वसूली:-
--- वर्ष-----------कर ------------------------लक्ष्य-------------प्राप्त
2016-17-----गृह और संपत्ति कर------1300 लाख--------628.26 लाख
--------------जल कर--------------------1350 लाख--------589.12 लाख
--------------सीवर कर-------------------120 लाख---------69.18 लाख
---------- 2017-18 -----
गृह और संपत्ति कर-------------------1300 लाख------------394.82 लाख
-------------- जल कर------------------1350 लाख--------431.73 लाख
-------------- सीवर कर-----------------200--------------20.17 लाख
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यह सच है कि हमारे पास 2015 के बाद का मैनुअल रिकार्ड नहीं है, जिसकी वजह से वसूली में दिक्कतें आ रही हैं। रिकार्ड नहीं होने की वजह से यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि कितना टैक्स बकाया है। हम कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह पुराने रिकार्ड के आधार पर रिकार्ड को दुरुस्त किया जा सके। -- विनय कुमार शर्मा, कर अधीक्षक।