प्रशासन से खफा 12 गांवों के किसानों ने दिया धरना
सहारनपुर। फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए 12 गांवों के किसानों ने धरना देकर विरोध जताया। किसान मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने मिलने नहीं दिए। इससे क्षुब्ध किसानों भाजपा किसान मोर्चा द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान धरना देकर रोष प्रकट किया।
अंबाला हाईवे स्थित एक सभागार में भाजपा किसान मोर्चा द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान 12 गांवों के किसान धरने पर बैठक गए। किसानों ने कहा कि एनएच 73 के फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में अनियमितता बरती गई है। नकुड़ तहसील क्षेत्र के 79 गांवों के किसानों को भूमि अधिग्रहण के बदले बहुत कम मुआवजा दिया गया। उन्हें 230 रुपये मीटर के हिसाब से पैसा दिया गया, जबकि अन्य गांवों के किसानों को 1130 रुपये तक प्रति मीटर के हिसाब से अधिग्रहण का पैसा दिया गया। तीन साल से किसान अपनी समस्या को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। वह मुख्यमंत्री को अपनी समस्या बताने आए थे, लेकिन यहां भी पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। इसमें रमेश, मांगेराम, किरणपाल, राजपाल, जसबीर, कृष्ण कुमार, कमरूद्दीन, नरेंद्र, देवेंद्र, भूषण सहित गांव बढ़ेड़ा, झबीरन, जगहैता नजीरी, ताजपुरा, अगवानहेड़ी, चंदपुरा के किसानों ने धरना देकर विरोध जताया। दरअसल विरोध करने आए इन किसानों को किसी ने रोका नहीं। पुलिस को लगा कि वह समारोह में भाग लेने आए हैं। किसानों ने अंदर जाकर विरोध किया तो पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। किसानों को जैैसे-तैसे समझा बुझाकर शांत किया गया।