स्वच्छता सर्वेक्षण : आनलाइन फीडबैक में पिछड़ गया सहारनपुर
सहारनपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण में आनलाइन दिए गए फीडबैक में सहारनपुर पिछड़ गया। इसलिए प्रदेश में जिले को चौथा स्थान मिला है, जबकि शुरूआत से जनपद द्वितीय नंबर पर चल रहा था। सोनभद्र को प्रथम, बनारस को द्वितीय और गोरखपुर तृतीय नंबर पर रहे।
स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण एक से 31 अगस्त तक चला। केंद्र सरकार की टीम ने जिले के 16 गांवों का गोपनीय रूप से भौतिक सत्यापन कर आनलाइन रिपोर्ट दी। टीम ने स्थानीय अधिकारियों से किनारा किए रखा। इसके साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए आनलाइन फीडबैक दिलवाने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी। एसएसजी 18 एप के जरिए गांव-गांव जाकर जिला पंचायत राज विभाग की टीम ने ग्रामीणों को फीडबैक देने के लिए जागरूक किया। इसके साथ ही आंगनबाड़ियों और शिक्षकों को लगाकर इंटर कालेज के बच्चों से फीडबैक दिलवाया गया। पिछले एक सप्ताह से सहारनपुर प्रदेश में द्वितीय स्थान पर चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को फीडबैक देने के अंतिम दिन सहारनपुर चौथे स्थान पर पहुंच गया। सरकारी तंत्र की तमाम कवायद रंग नहीं ला सकी। जनपद से 57 हजार लोगों ने स्वच्छता को लेकर फीडबैक दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि प्रदेश में जिले को चौथा स्थान मिला है। सोनभद्र को प्रथम, बनारस को द्वितीय और गोरखपुर तृतीय नंबर पर रहे।
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10 सितंबर तक ओडीएफ होगा जनपद
सहारनपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद को ओडीएफ घोषित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को 10 सितंबर तक का समय दिया गया है।
इसके तहत बनाए जा रहे शौचालय निर्माण की प्रगति को लेकर शासन ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए शौचालयों की फोटो एक सप्ताह के अंदर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी रेनू तिवारी और जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने विकास भवन सभागार में एडीओ, ग्राम सचिवों और ग्राम पंचायत अधिकारियों की बैठक ली। सीडीओ ने कहा कि दस सितंबर तक जनपद को ओडीएफ घोषित करना है। शौचालय निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। सभी कार्यों को 10 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा, जहां शौचालय बनाए जा रहे हैं, उनके फोटो पोर्टल पर अपलोड कराए जाएं।