सहारनपुर। सोशल मीडिया पर किए गए कथित बंद के आह्वान के मद्देनजर प्रशासन द्वारा इंटरनेट सेवाएं बंद करने से लोगों की जिंदगी जैसे की ठहर सी गई। मोबाइल के जरिए सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी रही। इसके अलावा नेट से चलने वाले सभी कारोबार और बैंक सेवाएं भी अव्यवस्थित रही।
दो अप्रैल को दलित संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससीएसटी आयोग पर दिए गए फैसले के विरोध में भारत बंद किया था, जिसमें कई जगहों पर हिंसक घटनाएं हुई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने 10 अप्रैल को कथित बंद का आह्वान किया था। इसी के मद्देनजर जिलाधिकारी के आदेश पर सोमवार रात साढ़े ग्यारह बजे जनपद की इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया। मंगलवार को पूरे दिन इंटरनेट सेवाएं ठप रही। लोग फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्वीटर आदि सोशल साइट ना चलने के कारण परेशान रहे।
प्रशासन का फैसला नहीं सही
सहारनपुर। इंटरनेट बंद करने के फैसले को लोगों ने गलत बताया है। शारदा नगर निवासी कपड़ा व्यापारी जितेंद्र कश्यप का कहना है कि जिले में सब कुछ सामान्य है। मगर, प्रशासन ने इंटरनेट सेवा बंद कराकर बेवजह लोगों को परेशान किया। इससे कारोबार प्रभावित हुआ है। खानआलमपुरा निवासी नदीम खान का कहना है कि इंटरनेट सेवा बंद कराने से काम नहीं चलने वाला है। प्रशासन को अपनी सख्ती रखनी चाहिए। इंटरनेट बंद होने से आम नागरिकों को दिक्कत उठानी पड़ी है। हसनपुर चौक निवासी अमन का कहना कि इंटरनेट बंद कराने का फैसला बिल्कुल गलत है।
मोबाइल फोन की दुकानों पर पहुंचे लोग
सहारनपुर। प्रशासन द्वारा इंटरनेट बंद करवाए जाने की जानकारी कई लोगों को नहीं थी, जिससे लोगों ने सोचा कि मोबाइल फोन खराब हो गया है। लोग मोबाइल फोन की दुकानों पर अपना मोबाइल ठीक कराने के लिए ही पहुंच गए।