यूनानी पद्धति को सफलता के चरम पर पहुंचाए आयुष चिकित्सक: सईद
देवबंद (सहारनपुर)। जामिया तिब्बिया मेडिकल कालेज में हकीम अजमल खां के 150वें जन्मदिन के अवसर पर आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा घोषित यूनानी-डे मनाया गया। जिसमें वक्ताओं ने हकीम अजमल खां की सेवाओं के बारे में बताया।
रविवार को सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित जामिया तिब्बिया मेडिकल कालेज में आयोजित कार्यक्रम में संस्था के सचिव डा. अनवर सईद ने कहा कि हकीम अजमल खां अपने समय के बड़े प्रसिद्ध यूनानी हकीम होने के साथ साथ उच्च स्तर के समाज सेवक व स्वतंत्रता सेनानी भी रहे। उन्होंने यूनानी पद्धति के इलाज को जो महत्व व महानता प्रदान की तथा उसे विश्वभर में ख्याति दिलाई वह यूनानी परिवार के प्रति एक अमूल्य धरोहर है। प्रशासक डा. अख्तर सईद ने कहा कि यूनानी चिकित्सा पद्धति भारतवर्ष के वातावरण रहन सहन और उसके गरीब जनता के मिजाज के बिल्कुल अनुकूल है तथा इस पद्धति में औषधियों का कोई दुष्प्रभाव भी नहीं हैं। इसलिए आयुष चिकित्सकों को इसके प्रचार प्रसार के लिए प्रयास करने चाहिए। इस दौरान संस्था के ताहिर हाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई तथा डा. अनवर सईद ने प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले छात्र छात्राओं को पुरस्कृत किया। संस्था की ओर से नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन भी किया गया। अध्यक्षता प्राचार्य डा. सलीम अहमद खां व संचालन डा. अहतेशामुलक हक सिद्दीकी ने किया। डा. फसीह सिद्दीकी, डा. नासिर अली, डा. रिहाना अलवी, डा. शाईस्ता परवीन, डा. रिफअत अली मीर, डा. एजाज, डा. सना, डा. जुवेरिया हाशमी, डा. सालेहा, मो. साबिर, अब्दुल खालिक, मो. मोनिस, डा. मुसर्रत जहां, आजम उस्मानी, डा. फखरुल इस्लाम आदि मौजूद रहे।