सहारनपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने कहा है कि महिलाएं अपने को कमजोर न समझें। महिलाएं न सिर्फ अपने साथ हो रहे अन्याय, उत्पीड़न की आवाज उठाएं, बल्कि कमजोरों को जागरूक कर उनकी आवाज बनें और उत्पीड़न के खिलाफ मजबूती के साथ कदम बढ़ाएं। पुलिस नारी सुरक्षा के लिए उनके साथ है।
एसएसपी बबलू कुमार सोमवार से शुरू हुए नारी सुरक्षा सप्ताह के तहत मुन्ना लाल डिग्री कॉलेज में आयोजित नारी सुरक्षा सप्ताह-2017 कार्यक्रम में छात्राओं एवं महिलाओं को संबोधित कर रहे थे। एसएसपी ने 10 दिसंबर तक चलने वाले नारी सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ मुन्नालाल डिग्री कालेज से किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी रूप में कमजोर नहीं है, जरूरी है नारी अपनी शक्ति को पहचाने और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाकर उसका डटकर मुकाबला करे। यूपी पुलिस हमेशा उसके साथ है। उन्होंने महिलाओं एवं छात्राओं के साथ होने वाले छेड़छाड़ एवं घरेलू उत्पीड़न की समस्याओं के लिए बिना पुलिस को अपनी उपस्थिति दर्ज कराए, सूचना देकर ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के संबंध में वूमन पावर हेल्प लाइन 1090 व यूपी 100 सेवा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नारी सुरक्षा सप्ताह के तहत एनजीओ नुक्कड़ नाटक लेखन निबंध चित्रकला प्रतियोगिताओं के तहत नारी सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरुक बनाया जाएगा। जिससे नारी अपने आपको समाज में किसी भी रुप में अपेक्षित न समझ सके और समाज के प्रत्येक क्षेत्र में बराबर की भागीदार बन सके।
--। छात्राओं, महिलाओं से पूछा गया पुलिस का व्यवहार
नारी सुरक्षा सप्ताह के तहत मुन्नालाल डिग्री कॉलेज की छात्राओं एवं शिक्षकों को उनके साथ होने वाले दिन प्रतिदिन के व्यवहार के संबंध में एक प्रश्न पत्र दिया गया और पुलिस के बोर में उनकी राय जानी गई। प्रश्न पत्र में पूछा गया कि पुलिस का जनता के प्रति विशेषकर महिलाओं के प्रति व्यवहार कैसा है ? अच्छा हैँ, अच्छी नहीं या फिर पहले की तुलना में परिवर्तन आया है। इसके अलावा पूछा गया कि उन्हें महिला संबंधी कानूनी प्रावधानों की कितनी जानकारी है, किस प्रकार की समस्या में सहायता के लिए यूपी 100 का प्रयोग किया जाना चाहिए, वूमेन पावर लाइन 1090 में किस तरह की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह उपयोगी है या नहीं। निराश्रित महिलाओं की अल्पावास सहायता एवं कानूनी परामर्श के लिए यूपी सरकार की कौन सी योजना है, 1098 सेवा को क्या कहा जाता है, शक्ति परी से क्या समझते हैं, एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन का उद्देश्य क्या है, यूपी 100 और 1090 पर किस समय फोन कर सकते हैं, नाबालिग बच्चों की सुरक्षा के लिए अलग से कौन सा अधिनियम है, यूपी पुलिस का ट्विटर हैंडल क्या है, ट्विटर सेवा का उपयोग किन परिस्थितियों में करेंगे, कोई भी समस्या होने पर पुलिस की सहायता के लिए थाना चौकी जाएंगे या नहीं। वूमेन पावर लाइन से समस्याएं हल हुईं या नहीं।
--। हर कक्षा में दो छात्राएं बनेंगी शक्ति परी
एसएसपी ने कहा कि प्रत्येक कक्षा से दो-दो इच्छुक छात्राओं को पावर एंजिल्स बनाया जाएगा। जो अपने विद्यालय और उसके आसपास होने वाली छात्राओं की समस्याओं के बारे में सुझाव एवं शिकायत पुलिस विभाग को भेजेंगी। इन पावर एंजिल्स को इनके अच्छे कार्यों के लिए पुलिस द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा।