सहारनपुर। बेरोजगार युवकों और युवतियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने और कृषि में आय दोगुनी करने के उद्देश्य से कृषि वैज्ञानिकों ने मशरूम उत्पादन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष भर उत्पादन करके मशरूम की खेती से अच्छा लाभ कमाया जा सकता है।
शुक्रवार को केवीके सभागार में चल रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के अंतिम दिन मशरूम वैैैज्ञानिक डॉ. आईके कुशवाहा ने कहा कि मशरूम की खेती किसानों के लिए काफी लाभप्रद साबित हो रही है। युवा इसे अपनाकर अपनी बेरोजगारी को दूर कर सकते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. सत्यप्रकाश ने कहा कि सफेद बटन, ढिंगरी और मिल्की मशरूम का उत्पादन पूरे वर्ष लिया जा सकता है। मशरूम की खेती जहां युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करेगी, वहीं किसानों की आय को भी दुगना करने में मद्दगार साबित होगी। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक डॉ. एसएस चौहान ने नाबार्ड द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को बताया। डॉ. रीता ने मशरूम उत्पादों, डॉ. प्रमोद ने मशरूम पशु आहार और डॉ. महावीर ने मशरूम कंपोस्ट से फसल उत्पादन आदि के बारे में जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न राज्यों से आए 110 प्रशिक्षार्थी मौजूद रहे।