सहारनपुर। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि मंडल के समग्र विकास के लिए उद्योग बंधु समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों पर निर्धारित समय सीमा के भीतर अमल होना चाहिए। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उद्योग बंधुओं को शासन द्वारा अनुमन्य सुविधाओं का लाभ मिले। उन्होंने ईएसआई चिकित्सालय में जल्द चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के आदेश देते हुए कहा कि अगर चिकित्सालय में सुविधा नहीं मिलती है तो श्रमिकों से अंशदान भी न लिए जाने के लिए शासन को पत्र लिखा जाए।
मंगलवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर ने औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे औद्योगिक संस्थान में सड़क व पानी की समुचित व्यवस्था कराएं। उन्होंने घंटाघर स्थित ट्रैफिक लाइट की आपूर्तिकर्ता फर्म को काली सूची में डाले जाने तथा शासकीय धन की क्षति की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर उद्योग बंधुओं का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि शारदा नगर रेलवे लाइन पर अंबाला रोड से आईआईटी आने वाले ब्रिज पर नगर निगम की भूमि पर अवैध कब्जाधारियों को चिह्नित कर तत्काल उन्हें नोटिस जारी किए जाएं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने नगर निगम के अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल राजस्व अभिलेख देखकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर महानगर के चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक लाइट आपूर्ति फर्म से उसके कुछ साल तक के रखरखाव का भी अनुबंध किया जाये। उन्होंने यूपीएसआईडीसी महाप्रबंधक को निर्देश दिए कि उद्योग बंधु के जितने भी प्रकरण उनके कार्यालय में लंबित हों, समय सीमा तय कर निस्तारित कर दें। उन्होंने सिंचाई विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे तत्काल सड़क बनाए जाने के लिए यूपीएसआईडीसी को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करें। अपर आयुक्त उदयी राम, नगर आयुक्त गौरव वर्मा, उपाध्यक्ष सहारनपुर विकास प्राधिकरण मनोज कुमार, संयुक्त आयुक्त उद्योग कल्पना, वन संरक्षक विजय सिंह, अपर स्वास्थ्य निदेशक आशा शर्मा सहित सभी विभागीय अधिकारी और उद्योग बंधु समिति के सदस्य मौजूद रहे।