वतन के लिए रवाना हुए इंडोनेशिया के 17 जमाती
सहारनपुर। लॉकडाउन के बाद से यहां फंसे विदेशी जमातियों की वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया। विदेश मंत्रालय की ओर से इंडोनेशिया के 17 जमातियों की वतन वापसी की अनुमति का पत्र जिला प्रशासन को प्राप्त हो गया। नई दिल्ली स्थित इंडोनेशिया के दूतावास से भी दिशा निर्देश दिए गए, इसमें कहा गया है कि चार जुलाई को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इन्हें फ्लाइट उपलब्ध होगी। इसके बाद देर शाम जमातियों को दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना कर दिया गया।
दरअसल, कोरोना संक्रमण के मामले में निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात प्रमुख मौलाना साद और जमातियों की भूमिका सामने आने के बाद जिले में भी सर्च आपरेशन चलाया गया था। यहां की पुलिस टीमों ने सर्च आपरेशन में 57 विदेशी जमातियों को चिह्नित किया था। इन पर लॉकडाउन के दौरान महामारी अधिनियम और टूरिस्ट वीजा के दुरुपयोग के उल्लंघन के आरोप में मामले दर्ज किए गए थे। इसके आधार पर इन्हें जिला कारागार के पास अस्थायी जेल में भेज दिया गया था। इस मामले में जून माह में अदालत ने सुनवाई की तो केवल महामारी अधिनियम के तहत एक महीने की सजा सुनाई गई। वीजा नियमों के उल्लंघन का दोषी इन जमातियों को नहीं पाया गया। अस्थायी जेल में रहने के दौरान सजा की अवधि को समायोजित करते हुए उन्हें रिहा कर दिया गया था। इसके बाद से विदेशी जमाती अंबाला रोड स्थित आश्रय स्थल पर रह रहे थे। इन जमातियों की अदालत में पैरवी करने वाले और दूूतावासों से संपर्क में रहे वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी जानिसार अहमद ने बताया कि इंडोनेशिया के 17 जमातियों बाद अन्य देशों के जमातियों के लिए भी जल्द ही वतन वापसी की अनुमति मिलने की उम्मीद है। विदेशी जमातियों में इंडोनेशिया के अलावा किर्गिस्तान, मोरक्को, माले, सूडान, मलेशिया, थाईलैंड, फिलिस्तीन, सीरिया, सऊदी अरब और फ्रांस के नागरिक शामिल रहे। इन जमातियों की वतन वापसी की कोशिश के लिए थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया सहित अन्य देशों के प्रतिनिधिमंडल भी आ चुके हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सहयोग मांगा था।
सांसद सहित अन्य लोगों ने भी की थी पैरवी
सांसद हाजी फजलुर्रहमान के अलावा वुडकार्विंग कारोबारी औसाफ गुड्डू, वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी जानिसार अहमद सहित अन्य लोग इन जमातियों की जेल से रिहाई और फिर इनकी वतन वापसी के लिए लगातार पैरवी करते रहे। अब इनके स्वदेश लौटने का रास्ता साफ हुआ है।