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मोबाइल फोन खोलेगा अनुज की मौत का राज

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सहारनपुर। अनुज उर्फ कोटा की मौत का रहस्य अभी भी उलझा हुआ है। पुलिस ने अनुज के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेज दिया है, क्योंकि पैटर्न लॉक लगा होने के कारण उसका फोन खुल नहीं पाया है। पुलिस को उम्मीद है कि अनुज के मोबाइल फोन से उसकी मौत के रहस्य से पर्दा उठेगा। वहीं, पुलिस अभी उसके तीनों दोस्तों को क्लीन चिट देने से इंकार कर रही है। तीनों दोस्तों को परिजनों के सुपुर्द कर रोजाना थाने में हाजिरी देने को कहा गया है।
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कोतवाली रामपुर मनिहारान के ग्राम घाटेड़ा निवासी अनुज उर्फ कोटा पुत्र राजेंद्र की मौत का रहस्य दस दिन बाद भी बरकरार है। 20 दिसंबर की सुबह सदर कोतवाली क्षेत्र में टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग पर प्लाट में अनुज का गोली लगा शव मिला था। पुलिस ने प्रथम दृष्टया आत्महत्या मान लिया था, लेकिन अनुज के भाई रोबिन ने गांव घाटेड़ा निवासी दोस्त विशाल, आकाश और मोहित के खिलाफ हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसके दो दिन बाद ही रामपुर मनिहारान के पूर्व इंस्पेक्टर एसके राणा का ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें वह अनुज उर्फ कोटा को पैर में गोली मारने की धमकी देते हैं और गाली गलौज करते हैं। इस ऑडियो के वायरल होने पर मामला और उलझ गया था। वहीं, पुलिस ने नामजद तीनों युवकों को पांच दिन तक हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस तीनों युवकों को क्लीन चिट देने की बात से इंकार कर रही है। जबकि अनुज का मोबाइल फोन लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया है, क्योंकि फोन में पैटर्न लॉक लगा है। जब तक मौत की स्थिति साफ नहीं हो जाती, उसके तीनों दोस्तों को क्लीन चिट नहीं दी जाएगी।
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कोतवाली प्रभारी अशोक सोलंकी का कहना है कि अनुज के तीनों दोस्तों से पूछताछ हो चुकी है। तीनों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है, लेकिन क्लीन चिट नहीं दी गई है। जब तक हत्या अथवा आत्महत्या की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तीनों को रोजाना थाने में आकर हाजिरी लगानी होगी। दस दिन में अनुज के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। अभी तक की जांच में आत्महत्या ज्यादा लग रही है।
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