रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। शब्बीरपुर हिंसा के आरोपी चंद्रशेखर उर्फ रावण की जेल से रिहाई होने के बाद यहां देर शाम दलित समाज के युवकों व महिलाओं द्वारा दिल्ली रोड हाईवे के निकट हलवे का प्रसाद वितरित किए जाने की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। पुलिस का कहना था कि यदि हलवा बांटना है तो वह मंदिर में जाकर बांटें। देर शाम दिल्ली रोड पर बड़ी संख्या में दलित समाज के युवक एक रेहडे़ में हलवा लेकर पहुंचे और उसका वितरण शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर मय फोर्स मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी एसके राणा ने युवकों को यह कहते हुए वहां से हटा दिया कि यदि उन्हें प्रसाद का वितरण करना है तो वह मंदिर परिसर में करें। पुलिस हलवा वितरण कर रहे युवकों को वहां हटाकर मंदिर में ले गई।
पुलिस की इस कार्यशैली से दलितों में रोष है। उनका कहना था कि वह शांति पूर्वक ढंग से चंद्रशेखर की रिहाई को लेकर प्रसाद का वितरण कर रहे थे। ऐसे में पुलिस ने उन्हें प्रसाद का वितरण नहीं करने दिया। चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई को लेकर पुलिस ने दलित बाहुल्य क्षेत्र के चौराहों पर डेरा जमा रखा। मुहल्ला सराय बाई पास मार्ग, अंबेडकर चौक, दिल्ली रोड घसौती चौक पर पुलिस को तैनात रखा गया। उधर, थाना प्रभारी ने कहा कि हलवे बांटे जाने का कार्यक्रम मंदिर में था और मंदिर में ही प्रसाद का वितरण किया जाना चाहिए।