सहारनपुर। एनएचएआई के खाते से फर्जी चेक लगाकर निकाली गई चार करोड़ 42 हजार रुपये की रकम इंडसइंड बैंक ने लौटा दी है। बैंक प्रशासन ने अपनी गलती स्वीकारते हुए यह धनराशि वापस की है। सरकारी खाते से यह रकम दिसंबर और जनवरी माह में सहारनपुर, गाजियाबाद और नोएडा में फर्जी चेक लगाकर उड़ाई गई थी। इस मामले में बैैंक कर्मचारी समेत कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद पूरे खेल से पर्दा उठा था।
एनएचआई के मुजफ्फरनगर खाते से सरकारी रकम उड़ाने का सनसनीखेज मामला जनवरी माह में सामने आया था। जालसाजों ने करीब 13 चेकों के जरिए चार करोड़ 94 लाख चार हजार की रकम निकाल ली थी। इनमें से चार चेक सहारनपुर की शाखा में 12 दिसंबर से लेकर 27 दिसंबर के बीच लगाए गए थे। बाकी नौ चेकों से गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली में 13 और 14 जनवरी को रकम निकाली थी। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने 19 जनवरी 2018 को सदर बाजार कोतवाली में फर्जी हस्ताक्षर बनाकर सरकारी खाते से रकम निकालने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों के चेहरे बेनकाब करने में कामयाब हो गई थी। पुलिस ने फरवरी माह में बैंक के कस्टमर सर्विस मैनेजर गौरव समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर इसी साजिश का भंडाफोड़ किया था। इनमें से काफी रकम महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई खातों में स्थानांतरित हुई थी। उस समय पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 50 लाख रुपये बरामद करने का दावा किया था।
सिटी मजिस्ट्रेट और भूमि अध्याप्ति अधिकारी का कार्यभार संभाल रहे राजेश कुमार ने बताया कि इंडसइंड बैंक ने अपनी गलती स्वीकारते हुए चार करोड़ 42 हजार 263 रुपये की रकम एनएचएआई के खाते में स्थानांतरित कर दी है। बैंक ने पहले ही रकम वापस करने का आश्वासन दिया था, क्योंकि फर्जीवाड़े में बैंक कर्मचारियों की साठगांठ उजागर हुई थी। बैंक ने बाकी 93 लाख 62 हजार की रकम जल्द खाते में स्थानांतरित करने का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि बरामद हुई रकम अथवा दूसरी संपत्ति पर अब बैंक का क्लेम होगा।