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मालदार को ढाई प्रतिशत जकात अदा करना जरूरी

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सहारनपुर। हेल्पलाइन पर जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व इमाम कारी सय्यद इसहाक गोरा ने सोमवार को भी शरीयत के हिसाब से रोजेदारों के सवालों के जवाब दिए।
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सवाल- आजाद कालोनी निवासी शमशाद ने पूछा कि वह रोजे से हैं। कपड़ों पर इत्र लगाना चाहते हैं। उनका भाई कहता है कि इत्र की महक से रोजा टूट जाता है।
जवाब- अगर कोई व्यक्ति रोजे की हालत में इत्र लगाए तो इससे रोजे पर कोई असर नहीं आता है और रोजा सलामत रहता है।
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सवाल- गालिब रसूल चौक निवासी दानिश ने पूछा कि उनकी बहन की उंगली में कांच का गिलास लग गया, जिससे खून निकल रहा है। वह जानना चाहते हैं कि अब उनका रोजा बचा या खत्म हो गया।
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जवाब- यदि रोजे की हालत में किसी की उंगली या हाथ पर चोट लगी है और खून निकल रहा है तो रोजा नहीं टूटेगा।
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सवाल- पुल बंजारान निवासी इमरान ने पूछा कि मालदार मुसलमान पर जकात कितने प्रतिशत वाजिब होती है।
जवाब- मालदार मुसलमान पर जकात ढाई प्रतिशत वाजिब है। यानी 100 रुपये पर 2.50 रुपये किसी गरीब, मिसकीन, मोहताज को देने होते हैं।
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