बसपा के कार्यक्रम में नहीं पहुंचा काजी परिवार
सहारनपुर। पिछले वर्ष कांग्रेस का हाथ छोड़कर हाथी पर सवार हुआ काजी परिवार शनिवार को बसपा की सभा से नदारद रहा। खचाखच भरे मंच पर काजी परिवार की कमी साफ नजर आ रही थी। इसे लेकर राजनीतिक जानकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। कार्यकर्ताओं में भी तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।
देश की राजनीति में खास दखल रखने वाले काजी रशीद मसूद ने पिछले वर्ष बसपा का दामन थामा था। बसपा सुप्रीमो मायावती जिस दिन शब्बीरपुर पहुंची थीं। उस दिन काजी रशीद मसूद सुबह से ही डेरा डालकर शब्बीरपुर में बैठ गए थे। उनके पौत्र शायान मसूद भी वहां मौजूद थे। मगर पिछले कुछ समय से वह बसपा के कार्यक्रमों में नजर नहीं आ रहे हैं। शनिवार को बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की जयंती कार्यक्रम में गांधी पार्क में बुलाई गई बसपा की सभा से भी काजी परिवार पूरी तरह गायब रहा। काजी रशीद मसूद, शाजान मसूद और शायान मसूद कोई भी नजर नहीं आया। लोग इसका दूसरा मतलब निकालने लगे हैं।
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काजी परिवार पार्टी का मजबूत हिस्सा : गौतम
बसपा के जोन कोआर्डिनेटर नरेश गौतम ने कहा कि काजी रशीद मसूद वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी का मजबूत हिस्सा हैं। उनके कार्यक्रम में शामिल न होने की वजह या तो बाहर गए होना हो सकती है या फिर व्यस्तता हो सकती है।
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हम पूरी तरह पार्टी के साथ : शाजान
शाजान मसूद ने बताया कि वह इन दिनों बाहर हैं। शायान मसूद भी काफी दिन से बाहर गए हुए हैं। इसी वजह से वह कार्यक्रम में शरीक नहीं हो सके। उन्होंने बताया कि वह पूरी तरह पार्टी के साथ हैं। पार्टी जहां कहेगी वह खड़े नजर आएंगे।
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बसपा नेताओं में नोकझोंक
मंच पर अव्यवस्थाओं को लेकर जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद और ममता चौधरी के बीच नोकझोंक हो गई। करीब दो मिनट तक बहस होने को लेकर अन्य नेताओं को बीच बचाव करना पड़ा।