सहारनपुर। धोबीघाट को नगर निगम गंगाघाट के रूप में विकसित करेगा। पिछले दिनों हुई बोर्ड की बैठक में इसका प्रस्ताव भी पास किया जा चुका है। हालांकि नगर निगम अभी तक इस दिशा में काम शुरू नहीं कर सका है। मगर इसी वर्ष में धोबी घाट का सुंदरीकरण कर गंगा घाट के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
वार्ड नंबर 22 के पार्षद भूरा सिंह प्रजापति ने नगर निगम बोर्ड की बैठक में धोबीघाट का नाम बदलकर गंगाघाट करने का प्रस्ताव रखा था। नाम बदलने के पीछे मकसद धोबी घाट का सुंदरीकरण और सुधार कराना था। तीन फरवरी की बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव को स्वीकार भी कर लिया गया। हालांकि अभी तक इस दिशा में नगर निगम काम शुरू नहीं कर सका है। वर्तमान में धोबीघाट की हालत बेहद खराब बनी हुई है। कम पानी होने की वजह से धोबीघाट पर कीचड़ फैला हुआ है। ऐसे में नगर निगम को धोबीघाट के सुंदरीकरण के लिए काफी काम कराना होगा।
गंगा घाट बनाने में यह रहेगी चुनौती
नगर निगम धोबीघाट को गंगाघाट बनाने की तैयारी में है। मगर यहां पानी की अविरलता यानी सफाई बरकरार रखना बड़ी चुनौती रहेगा। गौरतलब है कि धोबीघाट से पहले अनेक कॉलोनियों से निकलने वाला गंदा पानी पांवधोई में डाला जा रहा है। जिसकी वजह से धोबीघाट तक पहुंचते-पहुंचते पानी का रंग काला पड़ रहा है। ऐसे में पानी की अविरलता बनाए रखने के लिए इसमें नाले और नालियों के पानी का डलना बंद कराना होगा।
प्रशासन केवल बैठकें करने तक सीमित
पांवधोई नदी को साफ करने के लिए प्रशासन गंभीर नहीं है। पिछले करीब चार महीने से प्रशासन केवल बैठकें कर चर्चा ही कर रहा है। ऐसे में नदी में गंदगी लगातार बढ़ रही है। नगर निगम भी प्रत्येक वर्ष सफाई के नाम पर खानापूर्ति करता रहा है। नदी की सफाई के लिए एक कमेटी भी बनी हुई है, जो लंबे समय से निष्क्रिय है।
धोबीघाट को गंगा घाट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका प्रस्ताव हमारी साथी पार्षद ने बोर्ड की बैठक में रखा था, जिसे सर्व सम्मति से पास किया गया था। नाम बदलने के पीछे मकसद केवल यही है कि धोबीघाट का सुंदरीकरण कराया जा सके। हम जल्द ही इस पर काम शुरू कराने वाले हैं।
- संजीव वालिया, महापौर।