देवबंद (सहारनपुर)। केरल में पुरुषों को जुमा की नमाज अदा कराने वाली महिला इमाम जमीदा ने इस बार पांच वक्त की नमाज और नमाज पढ़ने के तरीके को लेकर विवादित बयान दिया है। नए बयान पर देवबंदी उलमा आग बबूला हो गए हैं। उलमा का कहना है कि जमीदा को इस्लाम के बारे में किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं है इसलिए वे साजिश के तहत इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करने का काम कर रही हैं।
बुधवार को तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि मुसलमान कुरआन और हदीस के मुताबिक अपनी जिंदगी गुजारते हैं उन्हें किसी जमीदा से कोई तरीका सीखने की जरूरत नहीं है। जमीदा का नमाज पढ़ाते हुए जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें देखने से साफ पता चलता है कि वे गलत तरीके से नमाज अदा करा रही हैं। उन्होंने कहा कि जमीदा अपनी बात मनवाने के लिए झूठ का सहारा ले रही हैं जो सरासर गलत है। फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि जमीदा ने पांच वक्त की नमाज अदा करने और उनके तरीकों पर जो सवाल उठाए हैं उनमें जरा भी सच्चाई नहीं है। क्योंकि इस्लाम मजहब में नमाज के वक्त तय हैं और पूरे विश्व में नमाज पढ़ने का तरीका एक ही है। इस्लाम और मुसलमान विरोधी ताकतें जमीदा और उस जैसी महिलाओं को हथियार के रुप में इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि जमीदा किसके हाथ का खिलौना बनकर ये सब कर रही है, लेकिन इतना साफ है कि वे साजिश के तहत ये सब कर रही हैं। साथ ही कहा कि इस्लाम मजहब में मर्दों और औरतों के सभी हक तय किए हुए हैं। बता दें कि बुधवार को जमीदा ने बयान दिया है कि नमाज पांच वक्त की नहीं बल्कि तीन वक्त सुबह शाम और रात में ही पढ़ी जाती है, जबकि नमाज में सिर्फ एक रकात में एक ही सजदा होता है।