सहारनपुर। मिशन अन्त्योदय के तहत जिले के 162 गांवों को गरीबी मुक्त किए जाने की योजना सिर्फ कागजी खानापूर्ति में फंसकर रह गई। 31 जुलाई 2017 को शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी, लेकिन किसी भी गांव को गरीबी मुक्त बनाने के लिए आज तक कोई कार्य नहीं हुआ।
मिशन अन्त्योदय के तहत जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग ने सहारनपुर के 11 ब्लॉकों के 162 गांवों को गरीबी मुक्त बनाने के लिए चयनित किया था। इन गांवों की सूची जिलाधिकारी के हस्ताक्षर के बाद 31 जुलाई 2017 को शासन को भेज दी गई है। इनमें सांसद राघव लखनपाल शर्मा के गोद लिए गांव शब्बीरपुर, खुशहालीपुर और सुआखेड़ी भी शामिल हैं। लेकिन किसी भी गांव में काम शुरू नहीं पाया है। सच्चाई यह है कि योजना सिर्फ कागजों में अटकी पड़ी है। प्रशासन धरातल पर काम शुरू नहीं करा सका। उधर, मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन का कहना है कि जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा। योजना संबंधित दस्तावेज पूरे किए जा रहे हैं।
मिलनी थी यह सुविधाएं
सहारनपुर। गांवों में प्राथमिकता के आधार पर बेरोजगारी खत्म करने के निर्देश शासन ने दिए थे। कच्चे मकानों को पक्का बनाना, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, पक्की सड़कें, पथ-प्रकाश की व्यवस्था, पशु-पालन के लिए सरकारी मदद और बच्चों को उच्चा शिक्षा दिलाने के लिए काम होना था।
इन ब्लॉक के गांव हैं शामिल
सहारनपुर। अन्त्योदय मिशन के तहत बलियाखेड़ी विकास खंड के 18, मुजफ्फराबाद के 20, पुवांरका के 14, रामपुर मनिहारान के 15, सरसावा के 12, साढ़ौली कदीम के 12, देवबंद के 13, नकुड़ के 15, नानौता के 11, नागल के 14 तथा गंगोह के 18 गांव शामिल हैं।
सांसद का वर्जन
अन्त्योदय मिशन सहित सभी योजनाओं पर मजबूती से काम चल रहा है। जिन गांवों को गरीबी से मुक्त किया जाना है, वहां कार्य चल रहा है। सबसे पहले इन गांवों में शौचालय बनाकर ओडीएफ बनाया गया है। आने वाले दिनों और काम कराए जाएंगे। किसी अधिकारी ने लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उनके गोद लिए गांव सहित सभी 162 गांवों में काम चल रहा है।
- राघव लखनपाल शर्मा, सांसद सहारनपुर।