ग्राम रोजगार सेवकों ने खंड विकास कार्यालय में की तालाबंदी
देवबंद (सहारनपुर)। पंचायत सहायकों की भर्ती पर रोक लगाने, संविदा पर नियुक्त 38 हजार ग्राम रोजगार सेवकों को विनियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने समेत अन्य मांगों को लेकर बुधवार को रोजगार सेवकों ने खंड विकास कार्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया।
दो घंटे की तालाबंदी उपरांत ग्राम रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी अंबरीश कुमार की मार्फत मुख्यमंत्री को 9 सूत्रीय मांग पत्र भेजा। जिसमें बताया गया कि शासन द्वारा 14 वां वित्त आयोग योजना के क्रियान्वयन हेतु पंचायत सहायकों की भर्ती किया जाना प्रस्तावित है, जो औचित्यहीन है। ज्ञापन में पंचायत सहायकों की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने, मनरेगा योजना लागू होने के उपरांत नवसृजित व सीमा विस्तार वाली निकायों में शामिल हो चुके ग्राम पंचायतों के रिक्त पदों पर समायोजित करने, फर्जी प्रस्ताव के आधार पर पदच्युत किए गए रोजगार सेवकों को बहाल करने, मानदेय भुगतान की व्यवस्था को समाप्त कर सरकार द्वारा पृथक बजट व्यवस्था का प्रावधान करने, रोजगार सेवकों के जॉब कार्ड में मनरेगा के अतिरिक्त कार्यों को जोड़कर योगदान लेने, रोजगार सेवकों के लिए सेवा नियमावली बनाने, वित्तीय वर्ष 2016-17 के शुरू से अब तक लंबित बकाया मानदेय का भुगतान दिलाने तथा रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिलाने की मांग की गई। चेतावनी दी यदि सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया तो 5 सितंबर को जिला मुख्यालय पर जागरूकता रैली तथा 12 सितंबर को लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में अधिकार रैली व अनिश्चितकालीन धरना देने को बाध्य होंगे। इस मौके पर घनश्याम सिंह राणा, संजय राणा, पवन कुमार, जितेंद्र कुमार, सुशील, आस मोहम्मद, रजनीश, संदीप, ढोली सिंह, विकास कुमार, शिवकुमार, सोमपाल सिंह, विपिन, सुभाष, प्रवेश आलम, संदीप, कर्म सिंह, नदीम अख्तर, मो. तौसीफ, इंद्रपाल आदि रहे।