सहारनपुर। पुलिस-प्रशासन द्वारा हटाए गए अतिक्रमण का छोटे-बड़े सभी कारोबारी समर्थन कर रहे हैं। रेहड़ी, ठेले और फड़ लगाने वालों की मांग है कि अतिक्रमण तो जरूर हटा दें, लेकिन उनका रोजगार भी चलता रहे, इसके लिए जगह निर्धारित की जानी चाहिए।
पुलिस-प्रशासन ने संयुक्त से अभियान चलाकर शहर के मुख्य मार्गों को अतिक्रमण मुक्त करा दिया है, जिसकी लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। मगर, शहर में वेंडिंग जोन न होने की वजह से रेहड़ी, ठेले और फड़ लगाने वाले परेशान हो गए हैं। इस कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। यह लोग अतिक्रमण हटाने का समर्थन तो कर रहे हैं, लेकिन रोजगार के लिए जगह देने की मांग भी कर रहे हैं। ताकि उनकी रोजी-रोटी भी चलती रहे। कोर्ट रोड के राजमा चावल विक्रेता जगदीप सिंह और चाय की दुकान करने वाले दिनेश कुमार शर्मा का कहना है कि शहर को जाम से निजात मिल सके, इसलिए अतिक्रमण जरूर हटना चाहिए, लेकिन प्रशासन को वेंडिंग जोन बनाकर जगह देनी चाहिए। दिल्ली रोड के फल विक्रेता इरशाद और यशपाल का कहना है कि वह सड़क किनारे दुकान लगाते थे, जिसको पुलिस ने हटवा दिया है। दिल्ली रोड की सब्जी मंडी में दुकान लगाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा था, लेकिन वहां दूसरे कारोबारियों ने हटवा दी है। नगर निगम को वेंडिंग जोन निर्धारित करना चाहिए।
- वेडिंग जोन के लिए तीन जगह हैं निर्धारित: नगरायुक्त
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि महानगर में वेंडिंग जोन के लिए तीन जगह निर्धारित की गई हैं। इनमें दिल्ली रोड पर गुर्जर भवन के पास वेंडिंग जोन बनाया जाएगा। इसके अलावा कंपनी बाग के चारों तरफ की सड़क पर और गांधी पार्क में जनमंच के निकट वेंडिंग जोन बनना प्रस्तावित है। शहर में करीब 12 हजार लोग ऐसे हैं, जो रेहड़ी, फड़ और ठेेले लगाते हैं। पहले चरण में ऐसे छह हजार लोगों के लिए व्यवस्था की जाएगी।