सहारनपुर। शहर में किसी भी कोचिंग सेंटर ने आग से सुरक्षा के मानकों को पूरा कर अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली है। न सिर्फ कोचिंग सेंटर बल्कि कुछ स्कूलों को छोड़कर अधिकांश स्कूलों के भवनों को भी कोई एनओसी जारी नहीं है। आग लगी तो हालात भयावह हो सकते हैं।
सूरत के कोचिंग सेंटर में लगी आग से गई 20 मासूमों की जान के बाद भी सहारनपुर जिला प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है। न तो कोचिंग सेंटरों पर आग से सुरक्षा के मानकों की जांच कराई है और न ही एनओसी न लेने वाले स्कूलों पर ही कोई कार्रवाई की गई। जबकि सहारनपुर में प्रमुख सड़कों पर ही नहीं गलियों में भी कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह के अनुसार शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड से शहर में 125 कोचिंग सेंटर चलने की जानकारी प्राप्त हुई है। लेकिन 2014 से उनके पास किसी भी कोचिंग सेंटर ने आग से सुरक्षा के मानकों की न तो जांच कराई है और न ही किसी ने एनओसी ही ली है। हालांकि बड़े मॉल में चल रहे कुछ कोचिंग सेंटरों में आग से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। लेकिन एनओसी सिर्फ मॉल द्वारा ही ली गई है। कुछ कोचिंग सेंटर तो ऐसे स्थानों पर हैं जहां आग लगी तो लाक्षागृह बनने से कोई नहीं रोक सकता।