सहारनपुर। पांच साल के भीतर भाजपा ने 2.15 प्रतिशत वोट का इजाफा तो किया, लेकिन यह जीत हासिल करने में नाकाफी साबित हुआ। विजयश्री हासिल करने वाली बसपा ने इन पांच साल के दौरान 22.07 प्रतिशत वोट में बढ़ोतरी कर ली।
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राघव लखनपाल शर्मा ने सहारनपुर सीट पर जीत हासिल की थी। उस चुनाव में उन्हें 39.59 प्रतिशत वोट मिले थे। पांच साल सांसद रहने के बाद अब लोकसभा चुनाव हुआ, तो भाजपा को 39.92 प्रतिशत वोट हासिल हुए हैं। इस तरह भाजपा के 2.15 प्रतिशत वोट बढ़ गए, बावजूद इसके भाजपा प्रत्याशी को जीत नहीं मिल सकी। वहीं, बसपा प्रत्याशी जगदीश सिंह राणा को 2014 में 19.67 वोट हासिल हुए थे, जिस कारण वह तीसरे नंबर पर रहे थे। अब गठबंधन में बसपा प्रत्याशी को 41.74 प्रतिशत वोट मिले और जीत भी हासिल हो गई। इस तरह बसपा के वोट में 22.07 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सबसे बड़ा नुकसान कांग्रेस को इन पांच साल के भीतर हुआ। क्योंकि 2014 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद 34.14 प्रतिशत वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे, लेकिन मौजूदा चुनाव में इमरान मसूद को 16.81 प्रतिशत ही वोट मिल सके हैं। इस लिहाज से इनके वोट प्रतिशत में 17.33 प्रतिशत की कमी हुई है।
2019 चुनाव
पार्टी ------- मिले वोट ------ प्रतिशत
बसपा ------ 514139 ------- 41.74
भाजपा ----- 491722------- 39.92
कांग्रेस ----- 207068 -------- 16.81
---------- 2014 चुनाव ----------
पार्टी ------- मिले वोट ------ प्रतिशत
बसपा ------ 235033 ------- 19.67
भाजपा ----- 472999------- 39.59
कांग्रेस ----- 407909 -------- 34.14