नानौता (सहारनपुर)। तालाब में मवेशी नहलाते समय भाई और बहन की डूबकर मौत हो गई। दोनों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। गमगीन माहौल में दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
नानौता थाना क्षेत्र के ग्राम तिलफरा ऐनाबाद निवासी किसान सुरेन्द्र कुमार उर्फ लील्लू का 10 वर्षीय पुत्र वंश तथा 14 वर्षीय पुत्री हिमांशी बुधवार की सुबह करीब 10 बजे घर से गांव में स्थित धोब्बा तालाब में अपने मवेशी को नहलाने के लिए गए थे। मवेशी को नहलाते हुए अचानक वंश का पांव फिसल गया। इसके कारण वह तालाब में गिर गया। इसी बीच तालाब किनारे बैठी वंश की 14 वर्षीय बहन हिमांशी ने भाई को डूबता देख शोर मचा दिया। हिमांशी शोर मचाते हुए अपने इकलौते भाई को बचाने के लिए पानी में जा कर उसका हाथ पकड़ने का प्रयास करने लगी। हिमांशी ने अपने भाई का हाथ पकड़ भी लिया था, लेकिन अचानक उसका भी पांव फिसल गया। इससे दोनों भाई-बहन तालाब में डूब गए। दो मासूम बच्चों को डूबता देख मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को तालाब से निकाला और सीएचसी नानौता पहुंचाया। जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद ग्रामीण बच्चों को वापस गांव लेकर पहुंचे। दो सगे भाई-बहन की मौत की खबर से परिजनों सहित पूरे गांव में कोहराम मच गया। मृतक मासूम बच्चों के परिजन बिना किसी कार्रवाई के शव को गांव में ले गए। जहां गमगीन माहौल में दोनों बच्चों को अंतिम संस्कार किया गया। वहीं थानाध्यक्ष मनोज चौधरी ने बताया कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है और ना ही परिजनों द्वारा कोई तहरीर या सूचना दी गई।
वंश गांव के ही एक स्कूल में कक्षा 4 में पढ़ता था, जबकि हिमांशी ग्राम मौरा स्थित किसान इंटर कालेज में कक्षा 9 की छात्रा थी। बुधवार की सुबह जब यह घटना घटी तो उस समय दोनों के पिता सुरेन्द्र उर्फ लील्लू गांव से बाहर अपनी रिस्तेदारी में गया हुआ था। सूचना मिलते ही वह गांव की ओर चल पड़ा। सुरेन्द्र उर्फ लील्लू के तीन बच्चे थे। दो बच्चों की मौत के बाद अब केवल बड़ी बहन आंचल बची है।
तालाब को अधिक गहरा खोदना बना मौत का कारण
ग्रामीणों ने बताया कि इस बार धोब्बा तालाब की खुदाई जेसीबी मशीन द्वारा कराया गई, जिसके चलते तालाब अधिक गहराई खोदा गया। इससे तालाब में डूबकर दो मासूम बच्चों की मौत हो गई।