सहारनपुर। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) शेरी की अध्यक्षता में मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) की बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों द्वारा प्रचार सामग्री नियमानुसार अनुमति लेकर ही लगाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रचार सामग्री पर प्रिंटर्स और पब्लिशर्स का नाम और पता लिखा होना चाहिए। पब्लिशर्स जब प्रिंटर को प्रचार सामग्री देगा तो उसके साथ एक घोषणा पत्र भी देना होगा जो दो गवाहों द्वारा सत्यापित होना चाहिए। साथ ही प्रिंटर घोषणा पत्र के साथ-साथ कितनी संख्या में प्रचार सामग्री छापी, कितना खर्चा आया इसकी भी सूचना मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी को पहले से ही देगा। उन्होंने बताया कि जातीय हिंसा एवं वैमनस्य की भावना को खतरा उत्पन्न होने जैसी प्रचार सामग्री छापने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया इंटरनेट पर विषय-वस्तु पर भी आदर्श आचार संहिता लागू होगी। समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराने अथवा न्यूज चैनल पर विज्ञापन प्रसारित कराने से पहले पूर्व प्रमाणन के लिए भारत निर्वाचन आयोग/नामोदिष्ट अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा। इस दौरान सहायक निदेशक सूचना सुधीर कुमार, सुरेेंद्र चौहान, वीरेन्द्र आजम, बृजेश भट्ट, गौरव शर्मा आदि मौजूद रहे।