अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। कृषि या विज्ञान से स्नातक की योग्यता नहीं रखने वाले कीटनाशक विक्रेताओं के लिए अब डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेशन सर्विस फोर इनपुट डीलर्स के तहत एक वर्षीय डिप्लोमा भी मान्य होगा। इसके लिए कृषि रक्षा विभाग कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंसों का सत्यापन करने में जुट गया है।
भारत सरकार के राजपत्र के अनुसार किसी भी कीटनाशक विक्रेता की लाइसेंस पाने की योग्यता कृषि या विज्ञान विषय से स्नातक होना रखी गई है। जो कीटनाशक विक्रेता इस योग्यता को पूरा नहीं करते उनके लिए एक वर्षीय डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेशन सर्विस फॉर इनपुट डीलर्स कर सकते हैं। इसके अलावा कोई अन्य डिप्लोमा या डिग्री लाइसेंस के लिए मान्य नहीं होगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिप्रा ने बताया कि कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस का वेरीफिकेशन कराया जा रहा है। इसमें कीटनाशक विक्रेताओं को क्रय बिल, बिल बुक, स्टॉक रजिस्टर के साथ ही शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र और कंपनी के अधिकार पत्र अपने साथ लाना होगा। जो विक्रेता कृषि या विज्ञान विषय में स्नातक डिग्री धारी नहीं होंगे, उन्हें डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेेशन फॉर इनपुट डीलर्स करना होगा। उन्होंने बताया कि कीटनाशक विक्रेताओं को लाइसेंस के लिए न्यूनतम योग्यता पूरी करनी होगी।