सहारनपुर। बसपा सुप्रीमो मायावती के पलटवार से भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर के बसपा से रिश्ते सुधारने के प्रयासों को करारा झटका लगा है। ऐसा पहली बार नही हुआ है जब बसपा सुप्रीमो ने भीम आर्मी को निशाने पर लिया है। मायावती के बयान से भीम आर्मी पशोपेश में आ गई है।
इससे जाहिर है कि बसपा बहुजन मतों में किसी तरह का बंटवारा नहीं चाहती है। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने जेल से रिहा होने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती को अपने बुआ बताया था। चंद्रशेखर ने कहा था कि बुआ ने बहुजन समाज के लिए बहुत काम किया है। इस बयान के बाद उम्मीद थी कि भीम आर्मी के बसपा से संबंध सुधरेंगे। सहारनपुर में हुई हिंसा के बाद यहां आई मायावती ने भीम आर्मी को भाजपा से अलग हुए लोगों को संगठन बताया था। मायावती भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर को रासुका में जेल बंद रखने के मामले भी चुप्पी साधी रही।
रविवार को आए बसपा सुप्रीमो के बयान ने भीम आर्मी को पशोपेश में डाल दिया है। मायावती ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए लोग उनसे बुआ और बहन का रिश्ता बनाना चाहते हैं, लेकिन हिंसा के आरोपियों से उनका कोई लेना देना नहीं है। अगर बहुजन समाज के लिए काम करना है तो बसपा से जुड़ेें।
मायावती के बयान के बाद से भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर का कहना है कि उन्होंने बसपा सुप्रीमो की पत्रकार वार्ता नहीं सुनी है। इस पर अभी वह कुछ नहीं बोलना चाहते हैं।