छुटमलपुर (सहारनपुर)। शुक्रवार दोपहर बेकाबू डंपर की साइड लगने से बाइक सवार तीन साल के मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसकी मां घायल हो गई। हादसे के बाद फरार हुए डंपर चालक को पीछा कर पकड़ लिया गया। दूसरे हादसे में शाकंभरी देवी से माता के दर्शन कर लौट रहे परिवार की डिजायर कार पलटने से पांच श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें देहरादून अस्पताल भर्ती कराया गया है। नानौता में भी बीती रात ट्रैक्टर ट्राली की टक्कर से कार सवार दंपति घायल हो गए।
फोरलेन हाइवे निर्माण में लगी कंपनी के डंपर ने शुक्रवार दोपहर एक बजे कस्बे में देहरादून रोड पर यूनियन बैंक के पास अपने सामने जा रहे बाइक सवार गांव झीवरहेडी जयंतीपुर निवासी मोनू, उसकी पत्नी पूनम, तीन साल के कार्तिक को साइड मार दी। सड़क पर गिरते ही मासूम कार्तिक की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी मां पूनम भी गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन फानन में शव को मौके से उठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जबकि पूनम को सीएचसी फतेहपुर से हायर सेंटर भेजा गया। हादसे के बाद मौके से फरार हुए डंपर का पीछा कर चालक सहित पकड़ लिया गया। एसओ ने बताया कि तहरीर आने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी घटना में रुड़की गणेशपुर निवासी राजू गौतम पुत्र ब्रहमदत्त अपनी पत्नी सुरभि, बेटे आशु, बेटी श्रेया और एक रिश्तेदार शामली निवासी अन्नु पत्नी लोकेश के साथ शाकंभरी देवी माता के दर्शन कर लौट रहे थे। फतेहपुर थाना क्षेत्र में गांव गेल्हेवाला के पास सुबह सात बजे उनकी कार अनियंत्रित हो कर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को देहरादून अस्पताल भर्ती कराया। एक अन्य हादसे में बृहस्पतिवार की रात साढे़ नौ बजे सपा नेता शहजाद अली के 10 साल के साइकिल सवार बेटे को डंपर ने साइड मार दी जिससे वह चोटिल हो गया। वहीं, नानौता में बृहस्पतिवार की रात करीब डेढ़ बजे गांव लखीमपुर निवासी कार सवार दंपति अपने आठ वर्षीय बेटे के साथ सहारनपुर से दिल्ली की ओर जा रहे थे। नानौता क्षेत्र के सहारनपुर मार्ग पर खुडाना नहर के नजदीक पहुंचते ही एक ट्रैक्टर-ट्राली से उनकी टक्कर हो गयी। इसमें दंपति घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार को सड़क से हटवाया और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।
लोगों को मौत के मुंह में ढकेल रहे हैं यमदूत बने डंपर
क्रासर- हादसों के पीछे अतिक्रमण भी बड़ी वजह
अमर उजाला ब्यूरो
छुटमलपुर।
फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी के खनन सामग्री ढो रहे डंपर लोगों के लिए यमदूत बन गए हैं। पिछले एक माह में इन बेकाबू डंपरों से छह से ज्यादा लोग अकाल मौत का शिकार बन चुके हैं। क्षेत्रीय लोगों ने इन डंपरों पर अंकुश न लगाए जाने की दशा में खुद सड़क पर खड़े हो कर डंपरों का आवागमन बंद कराने की चेतावनी दी है।
बता दें कि छुटमलपुर के पास बाईपास का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके निर्माण के लिए सैकड़ों की संख्या में डंपर मिट्टी, बजरी, पत्थर और कोरसेंड आदि सामग्री ढो रहे हैं। ज्यादातर डंपर तेज रफ्तार चल रहे हैं और इन पर परिचालक भी नहीं है। कसबे में भीड़ और अतिक्रमण के बावजूद ये डंपर तेज रफ्तार से चलते हैं। पिछले एक माह में ही छह लोग इन डंपरों की चपेट में आकर अकाल मौत का शिकार बन चुके हैं। इससे पूर्व 21 मई को मुजफ्फरनगर थाना क्षेत्र के गांव पेवडा निवासी 25 वर्षीय मोनीस पुत्र इरशाद की बैंक आफ बड़ौदा के पास डंपर से मौत हो गई थी। 28 मई को बड़कलां निवासी पवन की ट्रक की टक्कर से रसूलपुर के पास मौत हो गई थी। 31 मई को छुटमलपुर में घास मंडी तिराहे पर डंपर के नीचे कुचल कर डेयरी मालिक गंदेवडा निवासी मुस्तकीम की मौत हो गई थी। तीन जून को रेहडी निवासी सोनू पुत्र पहल सिंह की रेहडी के पास डंपर से कुचल कर मौत हो गई थी।
इन हादसों के पीछे जहां बेकाबू वाहनों की तेज रफ्तार है। वहीं कसबे में सड़क किनारे व्याप्त अतिक्रमण भी कम जिम्मेदार नहीं है। थाना पुलिस सब कुछ जान कर भी अनजान बनी रहती है। उधर कसबे के नवाब अली, फिरोज खान, फैजान अहमद, सतीश कुमार, हाजी जुल्फान, नौशाद, फखरुद्दीन आदि का कहना है कि कई बार थाना पुलिस को अवगत कराने के बाद भी डंपरों के दिन में कसबे में प्रवेश को बंद नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में अब वे खुद ही सड़क पर खड़े हो कर इन वाहनों को रोकने का काम करेंगे।