भगवान परशुराम का जन्मदिन मनाया, शोभायात्रा निकाली
सरसावा। महर्षि परशुराम जयंती के मौके पर आयोजित बौद्धिक कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ब्राह्मण समाज किसी के रहमोकरम पर नहीं बल्कि अपनी विद्या, बुद्धि एवं विवेक के बल अपना अस्तित्व बनाए हुए है। परंतु आज के आरक्षण के हालात के कारण समाज का पढ़ा लिखा युवा अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। जिस प्रकार महर्षि परशुराम के समय बदलाव आया था, वैसा ही बदलाव एक बार फिर आएगा।
रविवार को मोहल्ला हजारा में स्थित ब्राह्मण धर्मशाला में महर्षि परशुराम जयंती मनाई गई। जिसमें नगर तथा देहात के अलावा शहर के लोग भी सम्मिलित हुए। इस मौके पर एक बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें वक्ताओं ने आजकल के हालात पर चर्चा की। बौद्धिक कार्यक्रम के बाद विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा ब्राह्मण धर्मशाला से शुरू होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस धर्मशाला पर पहुंचकर संपन्न हुई।
शोभायात्रा में सबसे आगे घोड़े पर देवदत्त शर्मा धर्मध्वजा लिए हुए चल रहे थे। जिनके पीछे युवाओं की टोली हाथों में महर्षि परशुराम के अस्त्रों को लिए नृत्य करते हुए चल रही थी। इनके बाद एक सुसज्जित वाहन पर एक युवक महर्षि परशुराम की वेशभूषा में विराजमान था। शोभायात्रा के मध्य में बैंड बाजे धार्मिक धुन बजाते हुए चल रहे थे। सबसे अंत में महर्षि परशुराम का वाहन चल रहा था। शोभायात्रा का बाजार में अनेक स्थानों पर स्वागत किया गया तथा मीठे जल का वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रेम चंद शर्मा, सभासद संजय शर्मा, सुखविंद्र शर्मा, बब्बल शर्मा, प्रमोद शर्मा, गोपाल देव शर्मा, बब्बू शर्मा, भरत शर्मा, अशोक शर्मा रहे।