खरीद लक्ष्य से पीछे चल रहे हैं गेहूं क्रय केंद्र
साढ़ौली कदीम। गेहूं खरीद में विकास खंड पिछड़ता नजर आ रहा है। क्रय केंद्र लक्ष्य से अभी काफी पीछे चल रहे हैं। किसानों का कहना है कि अधिकतर क्रय केंद्र ऐसे स्थानों पर संचालित किए गए हैं। जहां आवश्यक सुविधाएं तक मुहैया नहीं है।
विकास खंड साढ़ौली कदीम के अंतर्गत गत वर्ष 4544 क्विंटल गेहूं क्रय कर ब्लाक के टाप रहे साधन सहकारी समिति हरिपुर के केंद्र ने अब तक 1249 क्विंटल ही गेहूं आ पाया है। समिति सचिव रविन्द्र काम्बोज ने बताया कि इस बार शासन स्तर से उन्हें चार हजार क्विंटल गेहूं तौल कराने का लक्ष्य मिला है। किसानों के रुझान को देखते हुए वह लक्ष्य से अधिक ही गेहूं क्रय करेंगे। साधन सहकारी समिति साढ़ौली कदीम के सचिव रोहताश सिंह ने बताया कि गत वर्ष उनके क्रय केन्द्र पर 485 क्विंटल गेहूं तौल हुआ था। इस बार उन्हें छह हजार क्विंटल गेहूं क्रय किये जाने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि अब तक मात्र 274 क्विंटल गेहूं का ही तौल हो पाया है। इस समिति पर सारे कार्यों का दायित्व मात्र एक सचिव पर है। कर्मचारियों की कमी के चलते उन्हें ही खाद बेचने के साथ साथ सभी कार्य करने पड़ते हैं। ऐसे में गेहूं खरीद कार्य का प्रभावित होना स्वाभाविक है। किसानों का कहना है कि विभाग को ऐसे केन्द्रों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था करनी चाहिए।
साधन सहकारी समिति कांसेपर में क्रय केंद्र के लिए जगह भी पर्याप्त नहीं है। मजबूरन मंदिर परिसर में केंद्र संचालित किया जा रहा है। समिति सचिव अशोक कुमार ने बताया कि गत वर्ष इस क्रय केंद्र पर 1309 क्विंटल गेहूं क्रय किया गया था। इस बार उन्हें छह हजार कुंतल गेहूं क्रय किये जाने का लक्ष्य दिया गया है। अब तक इस केंद्र पर 616 क्विंटल गेहूं की ही तौल हो पाई है। भारतीय खाद्य निगम के गोदाम गन्देवड में इस बार कोई क्रय केंद्र संचालित नहीं किया गया है। यहां गत वर्ष 2137 क्विंटल गेहूं का तौल कराया गया था। ऐसे में इस गोदाम क्षेत्र से जुडे़ लगभग 40 गांवों के किसान अपने गेहूं को हरियाणा की मंडियों में ले जाने को मजबूर हो रहे हैं।