सहारनपुर। भारत और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता का स्वच्छ भारत मिशन का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है। जनपद में खनन बंद होने की वजह से शौचालय निर्माण कार्य रुका हुआ है। अक्तूबर 2018 तक 1.50 लाख शौचालयों का निर्माण होना है।
भारत और प्रदेश सरकार के निर्देश हैं कि जनपद में अक्तूबर 2018 तक 887 गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाना है। अभी तक प्रशासन 200 गांवों को ओडीएफ घोषित करने का दावा कर चुका है। मगर इन गांवों में तमाम खामियां भी मिल चुकी है। निकाय चुनाव होने के चलते लगी आदर्श आचार संहिता में ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों को कराने की छूट है। मगर खनन बंद होने की वजह से पिछले काफी समय से स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जाने वाले शौचालयों का निर्माण रुका हुुआ है। ऐसे में अक्तूबर 2018 तक स्वच्छ भारत मिशन को जिले में पूरा करने का लक्ष्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि अक्तूबर 2018 तक 1.50 लाख शौचालयों का निर्माण होना है। मगर खनन बंद होने की वजह से कार्य बंद है। खनन सामग्री उपलब्ध होने पर ही कार्य शुरू हो पाएगा।
सफाई कर्मचारी को किया निलंबित
सहारनपुर। स्वच्छ भारत मिशन को पलीता लगाने वाले एक और सफाई कर्मचारी को निलंबित किया गया है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि सहायक विकास अधिकारी ब्लॉक मुजफ्फराबाद ने गांव जसमौर का औचक निरीक्षण किया। यहां सन्न कुमार सफाई कर्मचारी को तैनात किया गया था। निरीक्षण के दौरान सफाई कर्मचारी अनुपस्थित मिला। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आता है। इससे गांव जगह-जगह गंदगी फैली है। डीपीआरओ ने तत्काल प्रभाव से सफाई कर्मचारी को निलंबित कर दिया। जांच अधिकारी सहायक विकास अधिकारी ब्लॉक पुंवारका को नियुक्त किया है। बता दें कि दो सप्ताह के अंदर इसी तरह लापरवाही बरतने वाले सात सफाई कर्मचारियों को डीपीआरओ निलंबित कर चुके हैं।