पहले नवरात्र में की मां शैलपुत्री की आराधना
सहारनपुर। शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की श्रद्धाभाव से आराधना की गई। मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के साथ अखंड ज्योत स्थापित की गई। मां भगवती के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने अपने घरों में कलश स्थापित किए।
तहसील शिव मंदिर में पंडित अभिषेक कृष्ण ने विधि-विधान से 108 ज्योत स्थापित कराई। इसके साथ मां भगवती की महिमा का गुणगान किया गया। अभिषेक कृष्णात्रेय ने कहा कि मां भगवती के नौ स्वरूप के व्रत रखने पर भक्त के हर कष्ट दूर हो जाते हैं। श्रद्धा भाव से की गई आराधना अति फलदायी है।
राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकली मंदिर में मंगल कलश घट की स्थापना स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कराई। उन्होंने कहा कि मंगल कलश घटदेव त्रिगुणात्मक सत्ता का प्रत्यक्ष रूप है। यही समस्त सृष्टि का संचालन करता है। प्रत्येक जीव में परम शक्ति चेतन रूप में प्राण तत्व आधार विराजती है। महाशक्ति मां दुर्गा सृष्टि की मूल शक्ति है। इसके अभाव में समस्त चराचर एवं सृष्टि नीरस हो जाती है। अरूण स्वामी, राजेंद्र कुमार धीमान, रमेश चंद्र शर्मा, नरेश चंदेल, सुरेंद्र शर्मा, राकेश कुमार, मनोज चौहान, अश्वनी कांबोज, मुनेश गोयल, विभा, प्रभा, अमिता, राजबाला, कमला, मुनेश, गरिमा मौजूद रहे।
आवास-विकास स्थित श्री हरि मंदिर में भी विधि-विधान से पूजा अर्चना कर 108 अखंड़ ज्योत स्थापित की गई। इसी तरह श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री नारायणपुरी मंदिर, श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर, श्री बालाजी धाम, श्री साईं धाम में मां भगवती की महिमा गुणगान किया गया। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। इसके साथ ही मंदिरों को फूल-मालाओं और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया।