सहारनपुर। करीब दस साल से लटके स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य जल्द ही पुन: शुरू होने की संभावना है। नई जमीन के साथ कॉलेज के नक्शे में भारी फेरबदल किया गया है। बरसात के बाद पुन: काम शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। खेल निदेशालय अगले सत्र से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी में है।
बसपा सरकार ने सहारनपुर को स्पोर्ट्स कॉलेज की सौगात दी थी, मगर कॉलेज के लिए बेहट के शेरुल्लागढ़ में चिन्हित की गई जमीन हर बार नए विवाद में उलझकर रह गई। सबसे पहले जमीन को बिना अपने नाम कराए विभाग ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया। इसके बाद तत्कालीन आरएसओ राजेश शर्मा ने तत्कालीन कमिश्नर से मिलकर किसी तरह जमीन को खेल विभाग के नाम कराया। इसके बाद कॉलेज की जमीन पर खड़े सागौन के कीमती पेड़ों को काटने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सबसे बड़ा रोड़ा जमीन का बरसाती नदी के किनारे पर होना रहा। पूर्व डीएम इंद्रवीर सिंह ने तो शासन को यहां तक लिख दिया था कि कॉलेज को बरसाती नदी से खतरा है। ऐसे में इसे कहीं और शिफ्ट किया जाए। इसके बाद लखनऊ के अधिकारियों ने कॉलेज का दौरा कर जायजा लिया था। करीब तीन महीने पहले पूर्व डीएम पीके पांडेय ने अधिकारियों के साथ कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने नदी के किनारे की उस जमीन को छोड़ने का निर्णय लिया, जिस पर ट्रैक बनाया जाना था। साथ ही उन्होंने कॉलेज के दूसरी साइड में खाली पड़ी सरकारी जमीन के 72 बीघा के टुकड़े को कॉलेज को देने के लिए शासन को पत्र लिखा था, जिसे शासन से हरी झंडी भी मिल गई। अब कॉलेज का नक्शा नई जमीन के हिसाब से तैयार किया गया है। अब केवल बरसात जाने का इंतजार है। बरसात के बाद निर्माण कार्य के पुन: शुरू होने की बात कही जा रही है।
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कॉलेज में यह होना है कार्य
कॉलेज में बनने वाले भवनों का करीब 40 फीसदी काम पहले ही कंपलीट हो चुका है, जिसमें प्रशासनिक भवन रहेगा। परिसर में ही छात्रों के रहने के लिए हॉस्टल और मेस आदि का निर्माण किया जाना है। ट्रैक और मैदान तैयार किए जाने हैं। सूत्रों ने बताया कि काम शुरू होने के छह महीने के भीतर काफी बदलाव नजर आएगा।
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स्पोर्ट्स कॉलेज को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ है। नदी के किनारे की जमीन को छोड़ दिया गया है। जिला प्रशासन के सहयोग से दूसरी साइड की जमीन हमें मिल गई है। नए सिरे से नक्शा तैयार किया जा चुका है। बरसात के बाद निर्माण का कार्य पुन: शुरू होगा। कोशिश यही है कि कॉलेज के निर्माण का कार्य शीघ्र से शीघ्र कंपलीट हो और वहां कक्षाओं का संचालन किया जा सके।
प्रेम कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी।