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किशनलाल की हत्या नहीं, टीवी बीमारी के चलते हुई मौत

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पीआरवी के पहुंचने तक मौके पर हो चुकी थी मौत, परिजनों ने नहीं दिया शव
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अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। बुजुर्ग किशनलाल की मौत के मामले में लगे आरोपों के मामले में अधिकारियों ने डायल 100 के पुलिस कर्मियों को तलब कर पूछताछ की। अधिकारियों ने दावा किया है कि किशनलाल की न तो हत्या की गई और न ही वह किसी सड़क दुर्घटना का शिकार हुए। उसकी टीबी की बीमारी के चलते मौत हुई। जब डायल 100 की टीम पहुंची, उस समय तक किशन लाल की मौत हो चुकी थी और परिजनों ने शव को उठने नहीं दिया था।
बृहस्पतिवार सुबह रमजानपुरा निवासी किशनलाल की बेहट रोड स्थित ढमोला गांव के पास चौधरी नर्सरी के सामने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। किशनलाल केे पुत्र मनोज कुमार ने पिता की हत्या का आरोप लगाते हुए देहात कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। मनोज ने डायल 100 के कर्मियों पर आरोप लगाया था कि उनके पिता किशनलाल घायल हालत में तड़पते रहे, लेकिन मौके पर मौजूद डायल 100 के कर्मियों ने खून से लथपथ उनके पिता को अस्पताल ले जाने से इंकार कर दिया। उनका जवाब था कि गाड़ी खराब हो जाएगी। इस मामले को लेकर जिला अस्पताल में लोगों ने जमकर हंगामा भी किया था।
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पुलिस ने शुक्रवार को प्रथम दृष्टया आरोपों को सही नहीं माना है। पुलिस अधिकारियों ने डायल 100 के कर्मियों से बातचीत में दूसरे तरह के तथ्य सामने आए है। अधिकारियों ने पीआरवी 968 पर तैनात तीनों कर्मचारी ऋषिपाल गिरी, कांस्टेबल धर्मपाल शर्मा एवं एक चालक से पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्होंने तीनों कर्मियों को निर्दोष बताया। अधिकारियों ने कहा कि डायल 100 के कर्मी किशनलाल को अस्पताल लाना चाहते थे, लेकिन उसके परिजनों ने उसे उठाने ही नहीं दिया। जिस पर डायल 100 के कर्मियों ने देहात कोतवाली को फोन कर फोर्स मंगाई। फोर्स को आता देख परिजन किशनलाल को छोड़कर गांव के लोगों को बुलाने के लिए चले गए। जिससे भीड़ लाकर शव को उठाने से रोका जा सके। लेकिन इसी दौरान देहात कोतवाली पुलिस पहुंच गई और किशनलाल को गाड़ी में रखवाकर अस्पताल ले गई।
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-- पुलिस का दावा बीमारी से हुई किशनलाल की मौत
पुलिस क्षेत्राधिकारी मुकेश कुमार मिश्र का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार किशनलाल की न तो हत्या की गई है और न ही सड़क दुर्घटना में मौत हुई है। किशनलाल की मौत टीबी की बीमारी के चलते हुए है। उसे जगह-जगह खून की उल्टियां हुईं और फिर उसकी मौत हो गई। जिस समय पीआरवी वहां पहुंची उस समय किशनलाल की मौत हो चुकी थी।
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-- पुलिस क्षेत्राधिकारी को दी गई जांच
किशनलाल की मौत और डायल 100 पर लगे आरोपों के मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी द्वितीय को सौंप दी गई है। सीओ की रिपोर्ट के बाद कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बबलू कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
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