सहारनपुर। पाक रमजान महीने को लेकर बाजार गुलजार हो गए। बाजारों में रौनक दिखने लगी है। मुसलमानों के लिए यह बेहद खास और पाक महीना है। बाजारों में फल, खजूर, सेवइयां और कई प्रकार के पकवानों की दुकानें सज गई हैं।
महानगर में रमजान माह की तैयारियां पूरी कर ली गई। नखासा बाजार, चौक फव्वारा, शहीद गंज बाजार, रेंच का पुल, बुड्ढीमाई चौक, कंबोह का पुल, रानी बाजार और रायवाला आदि इलाकों में रमजान के पाक माह को लेकर भीड़ दिखने लगी है। मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में रौनक देर रात तक रहती है। मुस्लिम समाज के लोगों ने सहरी और इफ्तार से जुड़ी सामग्रियां खरीदनी शुरू कर दी है। इसके साथ लोग घरों की सफाई में भी लगे हैं। खजूर, सेवइयां, मौसमी फलों, अगरबत्ती, सूखे मेवों की खरीदारी हो रही है। नखासा बाजार के व्यापारी अब्दुल मलिक और नखासा बाजार के व्यापारी हाजी शाहिद खान का कहना है कि रोजे के दौरान सेहरी और इफ्तारी का विशेष महत्व है। सेहरी और इफ्तारी के लिए अच्छी खरीदारी हो रही है।
महानगर की प्रमुख मस्जिदों में तरावीह
- जामा मस्जिद कला चौक फव्वारा में 29 रात
- जामा मस्जिद पुरानी चूड़ी बाजार में 12 रात
- मस्जिद मंगलो वाली देहरादून चौक में 27 रात
- मस्जिद शाहजानी खानआलमपुरा में 27 रात
- मस्जिद किले वाली में 27 रात
- मस्जिद प्लाट वाली लिंक रोड में 27 रात
- मस्जिद बड़ी सराय में 27 रात
- मस्जिद कमंगारान नखासा बाजार 15 रात
- मस्जिद चौकी सराय में 14 रात
- मस्जिद ख्वाजा वाली चौकी सराय 11 रात
- मस्जिद हलवाईयान नखासा बाजार में 10 रात
- मस्जिद शेखों वाली में 20 रात
- मस्जिद दर्जियान लक्खी गेट प्रथम में 12 रात
- मस्जिद घंटाघर में 28 रात
- मस्जिद अंसरियान में 10 रात
- मस्जिद मालियान में 20 रात
- मस्जिद शाहबिलोल में 27 रात
- मस्जिद जालवाली शाह विलायत में 15 रात
- मस्जिद शिराजान में 12 रात
- मस्जिद खिरनी वाली किशनपूरा में आठ रात
चांद दिखने के बाद होगा पहला रोजा: फरीद
जामा मस्जिद चौक फव्वारा के प्रबंधक मौलवी फरीद ने बताया कि रमजान का पाक माह बरकतों का महीना है। इस बार पहला रोजा शुक्रवार को होने की वजह से यह महीना ज्यादा खास है। रमजान माह रहमतों, बरकतों, निअमतों और मगफिरत हासिल करने का महीना है। हर इंसान को अपने आप को सुधारने, संवारने, मुफीलसों, बेरोजगारों के हालात को समझने का महीना है।